जीवन का सार

rrदिल्ली, राहुल मालपानी : कोई दिखने में खूबसूरत है तो सृष्टिकर्ता का शुक्र कीजिए! किसी की आवाज पंसद है तो श्रवण शक्ति मिलने का शुक्र कीजिए! किसी के विचार पंसद हैं तो अपनी  विवेक व बुद्धि का शुक्र कीजिए! किसी से स्नेह, प्रेम, लगाव महसूस करते हैं तो अपने ह्रदय का शुक्र कीजिए। आंनद लीजिए कि आप जगतरूपी बगीचे में आए हुए हैं और आपके आसपास सुंदर फूल हैं! पर होता क्या है जुट जाते हैं प्रतिक्रिया, प्रतिकार पाने को, साम, दाम, दंड, भेद सब लगा देते हैं! कुछ नहीं बन पाता तो तिलमिला उठते हैं और क्षणों ही में अपने आंनद को क्षोभ में, ग्लानि में बदल लेते हैं! बिना कुछ बदले में चाहे, प्रेम कर के देखिए, मुस्कुराइए कि आपको प्रेम हो गया है। ना कोई बंधन है, ना कोई शर्त है, बस खूबसूरत एहसास है। अकेले ही निभा रहे हैं दो ह्रदयों का रिश्ता, दुगुनी खुशी मिल रही है। एक बार तर्कशक्ति को परे रख कर बस थोड़ा सा भोलापन लाईए और जीवन में सकारात्मक बदलाव देखिए!

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