दरिंदगी का शिकार बनी 6 साल की मासूम, परिवार ने छोड़ा शहर

हिसार, रोहित गोयल : बीसों वर्ष पुराना घोंसला छोड़ने का दर्द कैसा होता है, यह आज उन परिवारों की आंखों में देखने को मिला, जो नौ दिसंबर को दरिंदगी का शिकार हुई छह वर्षीय मासूम बच्ची को खो चुके हैं। पीड़ित परिवार के सदस्य और साथ की झोपड़ियों में रह रहे पांच परिवार बुधवार सुबह 11 बजे उकलाना मंडी को अलविदा कर गए। दो वाहनों में इनका सामान पैतृक बस्ती दूसरे जिले में ले जाया गया। बुधवार सुबह जब ये परिवार वाहनों में अपना सामान लाद रहे थे, तब न तो कोई प्रशासन का पदाधिकारी वहां था और न ही इन परिवारों के संघर्ष की लड़ाई लड़ने का एलान करने वाले नेता। वहां थे तो बस वे पड़ोसी, जो इनके हर दुख दर्द में 20 साल से साथ रह रहे थे। जहां पीड़ित परिवार के कुछ सदस्यों की आंखें नम थीं। पड़ोस की महिलाएं भी सुबक रही थीं। मासूम के पिता ने बताया कि साहब, अब यहां से दिल भर गया था। जिसकी भूमि थी, वह भी खाली करने का दबाव बना रहा था। हम कल थाना प्रभारी से मिले थे। उन्होंने भी मंजूरी दे दी थी। यह भी कहा कि हमें मात्र चार लाख 12 हजार 500 रुपये की ही सरकारी मदद अब तक मिली है। न तो वादे के अनुसार प्लॉट मिला, ना मकान। अब हम दूसरे जिले में अपनी पैतृक सपेला बस्ती में अपने कुटुंब के साथ रहेंगे।

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