सुश्री अनुसुईया उइके के प्रयास से जनजाति परिवार को रूपये 8.30 लाख का मुआवजा मिला

छिन्दवाडा, उजवल कुमार पाण्डेय : विगत समय में दमुआ के स्वर्गीय श्री संजय उइके जो कि अनुसूचित जनजाति वर्ग का व्यक्ति था, की निर्मम हत्या चार व्यक्तियों द्वारा कर दी गई थी जो कि सामान्य वर्ग के थे। तत्कालीन थानेदार दमुआ द्वारा पुलिस रिपोर्ट दर्ज करते समय एट्रोसिटी एक्ट की धाराएॅं दर्ज नहीं की गई। प्रकरण श्री बबुआ कश्यप के संज्ञान में आने पर उनके द्वारा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष सुश्री अनुसुइया उइके जी से मृतक की पत्नी श्रीमती ममता उइके एवं मॉं श्रीमती धन्नोंबाई निवासी दमुआ को मिलवाया गया एवं कार्यवाही का अनुरोध किया गया था। सुश्री उइके द्वारा इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए वर्तमान थाना प्रभारी श्री दीपक यादव से चर्चा कर प्रकरण की स्थिति को ज्ञात किया गया तो मालूम हुआ कि इस प्रकरण में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार अधिनियम की धाराएॅं ही तत्कालीन थानेदार द्वारा नहीं लगाई गई है जिससे मृतक के परिजनों को किसी प्रकार का मुआवजा नहीं मिल सकता है। इस पर सुश्री उइके द्वारा पुलिस अधीक्षक श्री गौरव तिवारी से चर्चा कर प्रकरण की स्थिति और तत्कालीन थानेदार की लापरवाही से अवगत कराते हुए एट्रोसिटी एक्ट की धाराएॅं लगाने का अनुरोध किया गया। इन सभी प्रयासों के उपरांत इस हत्या के प्रकरण में एट्रोसिटी एक्ट की धाराएॅं जोड़ी गई। इसके उपरांत मध्यप्रदेश शासन जनजाति कल्याण विभाग से प्राप्त होने वाले मुआवजे के प्रकरण को तैयार करने की कार्यवाही प्रारंभ की गई तब मृतक के परिवार के पास स्थाई जाति प्रमाणपत्र की अनुपलब्धता की जानकारी मिली तब सुश्री उइके ने बबुआ कश्यप के माध्यम से श्रीमती ममता उइके और श्रीमती धन्नोबाई का अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र बनाने हेतु विभिन्न दस्तावेज जैसे पटवारी का प्रमाणपत्र, स्कूल के प्रमाण, निवास के प्रमाण, जाति की पुष्टि हेतु संपत्ति के अभिलेख की प्रतियॉं प्राप्त करने हेतु अथक प्रयास किया गया। जब प्रमाण पत्र के लिये सभी दस्तावेज प्राप्त हो गये तब प्रकरण प्रस्तुत करवाया गया। सभी संबंधित अधिकारियों से निरंतर संपर्क कर आवेदिका का प्रमाणपत्र बनवाकर हरिजन कल्याण थाने के माध्यम से प्रकरण तैयार करवाकर जनजाति कल्याण विभाग छिन्दवाडा को भेजा गया। सुश्री अनुसुईया उइके जी के उक्त निरंतर प्रयासों से ही आवेदिका और को उसके पति की मृत्यु तथा श्रीमती धन्नों बाई को उसके पुत्र की हत्या के परिणामस्वरूप प्राप्त होने वाले सहायता राशि जो कि कुल आठ लाभ तीस हजार रूपये है मृतक श्री संजय की पत्नी श्रीमती ममता उइके एवं माता श्री धन्नोबाई उइके निवासी दमुआ को कलेक्टर छिन्दवाडा द्वारा स्वीकृत कर दी गई है। इस माह के अंत तक पीडित परिवार को उक्त राशि बैंक खाते में प्राप्त हो जायेगी। मृतक के परिवार एवं श्री बबुआ कश्यप तथा अन्य सभी जनप्रतिनिधियों एवं सहयोगियों सुश्री उइके का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता जो प्राप्त हुई है वह सुश्री अनुसुईया उइके के प्रयासों से ही संभव हो सका है। सुश्री उइके ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मृतक को तो वापिस नहीं लाया जा सकता है किन्तु अब इस सहायता राशि से उसके जनजाति परिवार को कुछ भला अवश्य हो सकता है और यह सब सभी के सहयोग से ही संभव हुआ है।

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