2010 बिहार विधानसभा चुनाव में धोखे से जीता था जेडीयू

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बिहार, निखिल गोयल : फेसबुक से डाटा चुराए जाने का मामला जैसे-जैसे सॉल्व किया जा रहा है, रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। जब रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कांफ्रेंस के जरिये ये बताया था कि कांग्रेस ने अगले लोकसभा चुनाव मेंकैंब्रिज एनालिटिका को अपने प्रचार के लिए हायर किया है, तो इसपर काफी बवाल मचा था. दरअसल, कैंब्रिज एनालिटिका पर फेसबुक के 5 करोज यूजर्स का डाटा चुराने का आरोप है। लेकिन अब इस मामले में बीजेपी भी संकट में नजर आ रही है। दरअसल, क्रिस्टोफर विली, जिसनें फेसबुक वोटर डेटा लीक के बारे में सबसे पहले खुलासा किया था, ने अब एक और सनसनीखेज खुलासा किया है.क्रिस्टोफर के मुताबिक, 2010 में उसके क्लाइंट ने कांग्रेस को हारने के लिए कंपनी को पैसे दिए थे. यहां बात 2010 बिहार विधानसभा चुनाव की हो रही है। इस चुनाव में नीतीश की पार्टी ने बीजेपी के साथ गठबंधन की सरकार बनाई थी। इस चुनाव में जेडीयू सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। ऐसे में क्रिस्टोफर के खुलासे से ये बात साफ़ नजर आ रही है कि शायद ये जीत जनता के वोटों के आधार पर नहीं, बल्कि पैसों क्ले आधार पर जीती गई थी.जब इस बारे में और जानकारी इक्कठा की गई, तो पता चला कि कैंब्रिज एनालिटिका ने खुद ही अपनी वेबसाइट पर घोषित कर रखा है कि साल 2010 में उसनें बिहार विधासभा चुनाव में अपने क्लाइंट को जीत दिलाई थी। उस चुनाव में जेडीयू ने 115 सीट पर तो बीजेपी ने 91 सीट पर जीत हासिल की थी। ऐसे में अब ये साफ़ दिखाई दे रहा है कि चुनाव के नतीजों के साथ छेड़छाड़ की गई थी, बता दें कि भारत में कैंब्रिज एनालिटिका की सहयोगी कंपनी के चीफ अमरीश त्यागी हैं, जो जेडीयू ने नेता केसी त्यागी के बेटे हैं।

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