बिटुजा लूणी नदी मे अभी भी खुले आम अवैध बजरी कारोबार बैखोफ जार

कोट्यम, दानाराम पटेल  बालोतरा। माननीय उच्चतम न्यायालय की रोक के बाद भी बजरी का अवैध खनन का अवैध कारोबार बैखोफ जारी हैं। कारोबार से जुडे लोग रात के अंधेरे का फायदा उठाकर बजरी का अवैध तरीके से खनन कर परिवहन करने में जुटे हुए हैं। बजरी का अवैध खनन करने वाले आवश्यकता को भुनाकर लोगो से मनमाने दाम वसूलने से भी बाज नही आ रहे हैं। इतना कुछ सार्वजनिक होने के बावजूद खान विभाग मामले को लेकर हाथ पर हाथ धरे बैठा हैं। विभागीय अधिकारी अवैध रूप से होने वालेे खनन से अनभिज्ञ बनकर कार्रवाई से बच रहे हैं। जबकि हकीकत यह हैं कि बालोतरा उपखंड क्षेत्र में लूणी नदी में रात के अंधेरे में अवैध रूप से खनन कर बजरी का ट्रकों व टे्रक्टरों में परिवहन किया जा रहा हैं। दरअसल पर्यावरण मानकों को लेकर पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने बजरी खनन कार्य पर रोक लगा दी। लेकिन विभागीय कार्रवाई के अभाव में लूणी नदी में अवैध रूप से खनन कार्य बेरोक टोक जारी हैं। फर्क सिर्फ इतना हैं कि पहले जब रोक नही थी तब दिन में रॉयल्टी चुका कर बजरी का खनन कर परिवहन किया जा रहा था अब बिना रॉयल्टी चुकाए रात के अंधेेरे में बेधडक़ खनन कर बजरी को उंचे दामों में निर्माण स्थलों तक पहुंचा रहे हैं, प्रशासन को इसकी जानकारी होने के बावजूद बजरी खनन करने वाले के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नही की जा रही हैं। विभागीय अधिकारियों ने मूंदी आंखे, बजरी के अवैध खनन पर रोकथाम को लेकर विभागीय अधिकारियों के आंखे मूंदी हुई हैं। ऐसे में प्रभावी कार्रवाई के अभाव में क्षेत्र मे अवैध रूप से बजरी खनन करने वाले लोग सक्रिय हैं। रात में अंधेरा होते ही खनन का कार्य शुरु हो जाता हैं। बजरी का वसूल रहे हैं मनमाना दाम, बजरी रोक लगा दिये जाने से उन लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड रहा हैं जिनके मकान अथवा वाणिज्य भवन निर्माणाधीन हैं, बजरी मांग बढती देख अवैध रूप से खनन करने वालों ने भी बजरी के दरों में जबरदस्त बढोतरी कर दी हैं। सूत्रों के मुताबिक अब बजरी के दाम पहले से दुगुना हो गये है, बावजूद इसके कार्य पूर्ण करवाने के चक्कर में भवन निर्माता ज्यादा राशि देकर भी बजरी मंगवा रहे हैं।

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