बच्चों को क्यों डर लगता है स्कूल जाने से

रिपोर्टर का नाम: -एमआर.प्रिंस बंसल मलोट पंजाब- डीएवी कोलेज के छात्र बीए 1 वर्षीय प्रिंस बंसल s/o विनोद कुमार के द्वारा लिखे गए हैं । स्कूल एक ऐसी जगह है जहाँ आप अपने बच्चे को सोच सकते हैं कि वे पढ़ते हैं, ज़िन्दगी के क़ानून सीखेगा, अनुशासन सीखेगा, बड़े आदमी बनेंगे लेकिन तब क्या हो जब आपका बच्चा स्कूल जाने से ही डराने लगे।
आजकल ये एक आम समस्या बनती जा रही है। बच्चे स्कूल जाने से डरने लगे हैं अपने आस पास नज़र डालिए तो आप बड़े तादाद में ऐसे बच्चे पाएंगे जो स्कूल जाने में या तो ना करे या फिर स्कूल के नाम से ही घबरा जाते हैं।
यह समझना बेहद जरूरी है कि बच्चों को स्कूल में किस चीज को परेशानी है?
तो पांच बातें जो बच्चों को स्कूल जाना रोकते हैं, वो हैं …
– माँ बाप से दूर रहने का डर
– स्कूल में शिक्षक का डांट
-वेन ड्राइवर का गलत व्यवहार
– होमवर्क न करने पर मिलेंगे सज़ा
-दुसररे बच्चों के साथ लड़ाई झगड़ा
जितना जरूरी है बच्चों के कोमल मन को और उनकी उलझन को समझना, उतना ही उनकी परेशानियों को दूर करना भी आवश्यक है। सिर्फ माँ-बाप ही नहीं, शिक्षकों और स्कूल मैनेजमेंट का भी बच्चों के स्कूल में दिलचस्पी बढ़ाने में बहुत बड़ा हाथ होता है। बाहरी दुनिया में बच्चों का यह पहला अनुभव होगा। और ये अनुभव कैसा हो बच्चों के लिए, ये देखिए अध्यापकों और मैनेजमेंट का काम है। स्कूल में शिक्षकों को जिस तरह से बच्चों से बर्ताव होता है, बच्चों पर स्कूल की वही छाप रहती है। इसलिए यह आवश्यक है कि शिक्षक बच्चों के साथ अच्छे व्यवहार करें ताकि स्कूल उन्हें उन जगहों पर खड़ा हो और उनके स्कूल में बिताया हुआ एक एक दिन यादगार बनें। प्रिंस बंसल के साथ राष्ट्रीय वीआईपी प्रेस रिपोर्टर, आर.एस.बी.टीटीआई एनसीसी एआरएमआई सेना प्रमुख और प्रिंसिपल डॉ.सुभाष चंद्र
लड़कियों एन सी सी सीनियर अधिकारी
लेफ्टिनेंट (डा।) मुक्ता मूननेजा
D.A.V. कोलाज मालोउट
लड़कियों एनसीसी ग्रुप

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