दुष्कर्म से सताई और पुलिस उपेक्षा की शिकार महिला ने किया अग्नि स्नान

रिपोर्टर आशीष रावत ललितपुर महरौनी-थाना प्रभारी ने नहीं भेजा जिला चिकित्सालय, गाड़ी और रुपया देकर ईलाज हेतु भेजा मध्य प्रदेश के निकटतम जिला टीकमगढ़।

महिला और उसके पति रज्जू ने पुलिस कार्य प्रणाली पर खड़े किए गंभीर सवाल? पुलिस बैरूखी से लगाई आग।

ललितपुर जहां एक ओर राज्य और केंद्र सरकार नारी सशक्तिकरण के बड़े बड़े वायदे करती दिखाई देती हैं वहीं अपनी जवरन अस्मिता लुटने के बाद सात दिनों तक पुलिस से न्याय की गुहार लगाने और उसे अनसुना होते देख एक बलात्कार पीड़िता को अग्नि स्नान करने पर मजबूर होना पड रहा हैआखिर ऐसे वायदों का जनता करता करें ।ऐसा ही एक का मामला प्रकाश में आया है। जिसने सरकार और प्रशासन के नारी सशक्तिकरण की पौलखोल कर रख दी है।
मामला तहसील महरौनी के थाना सौजना के गांव मेगुआ का है।
वहां एक लगभग ३५बर्षीय महिला जमना पत्नि रज्जू कुशवाहा अपने आंगन में उपले बना रही थी कि गांव का ही एक युवक रमेश पुत्र गुपला उम्र ३०बर्ष घर में घुस आया और जवरन बलात्कार किया और बताने पर जान से मारने की धमकी देकर चला गया पति के लोटने पर अपनी आप बीती बताई पति पत्नी दोनों २४फरवरी से थाने के चक्कर काट रहे हैं पर पुलिस उनको बार बार भगा देती थी अन्त में न्याय की आशा छोड़ कर २मार्च को महिला ने घर में तेल डालकर अग्नि स्नान कर लिया ।
आत्म दाह से पुलिस सकते में आ गई और आनन फानन केस दर्ज कर लिया गया और बतोर पति थानाध्यक्ष ने नगद 5000रुपया देकर और गाड़ी कर उसे ईलाज हेतु मध्यप्रदेश के जिला टीकमगढ भेज दिया।
जहाँ परिवारीजन गांव राजेंद्र प्रसाद जिला अस्पताल में उसका इलाज करा रहे हैं।महिला ५०%सेअधिक जलीहै हालत गंभीर है
इहां भी थानाध्यक्ष की कार्रवाई संग्धित नजर आती है जिला चिकित्सालय भेजने की अपेक्षा मध्य प्रदेश क्यों भेजा गया उसके ईलाज की और बयानो की ब्यवस्था जनपद में क्यो नही कराई गई।

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