रांची से 35 किमी दूर बसाया जा रहा है दूसरा देश, नहीं मानते भारत का कोई कानून

रिपोर्टर निखिल गोयल झारखंड रांची-एक तरफ जहां भारत सरकार का सारा ध्यान भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के तनाव को दूर करने की तरफ है, वहीं झारखण्ड की राजधानी रांची से कुछ ही दूरी पर कुछ ऐसे इलाके पनप रहे हैं, जो ना तो देश की कानून व्यवस्था को मानते हैं ना ही राज्य की। जी हां, झारखंड के 4 जिलों के 34 गांवों में ग्राम सभाएं खुद का शासन अौर कानून चला रही हैं। भारतीय और राज्य का कानून नहीं मान रहीं। इन गांवों में बिना इजाजत बाहरी लोगों का एंट्री पर रोक है। चाहे वह राष्ट्रपति हो, प्रधानमंत्री हो या मुख्यमंत्री। ग्राम सभाओं ने सरकारी स्कूलों में बच्चों को न भेजने का फरमान भी जारी किया है। इस कारण ग्रामीण अब सरकारी स्कूलों में बच्चों को नहीं भेज रहे। सरकारी योजनाएं लेने से भी मना कर दिया है। अगस्त 2017 में डीसी, एसपी समेत 300 हथियारबंद जवानों को झारखंड के खूंटी के कांकी गांव में बंधक बनाया गया था, क्योंकि उन्होंने वहां के बैरिकेड्स हटाए थे। लेकिन अब यहां कि स्थिति बदतर हो चली है। रोक के बावजूद 6 जिलों में हो रही है

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