झूठी अफवाह से पत्रकार ना हो परेशान—————

न्यूज रिपोर्टर -नजीर मुलाणी-मुंबई राज्य महाराष्ट्र- पत्रकार समाज का आईना होता है पत्रकार फर्जी नहीं होता पत्रकार को फर्जी बताने वाले फर्जी हो सकते हैं पर पत्रकार कभी कोई फर्जी नहीं है.आजकल जो मैसेज वायरल हो रहा है फर्जी पत्रकारों की होगी जांच, जांच तो होनी चाहिए,
जब कोई समाचार पत्र या चैनल अपना संवाददाता नियुक्त करता है उसको काफी समस्या आती हैं जो एक पत्रकार ही जानता है,
पत्रकार बनना कोई आसान नहीं है पत्रकार को जब चाहे जो चाहे कह दिया जाता है। ऐसा हरगिज अब बर्दाश्त नहीं करेंगे पत्रकार एक समाज का आईना होता है पत्रकार सरकार की जानकारियां जनता तक फैलाता है ,
और जनता की सारी समस्याएं सरकार के कानों तक पहुंचाता है फिर भी उसे फर्जी बता दिया जाता है आखिर फर्जी पत्रकार होता कैसा है यह जानना बहुत जरूरी है पत्रकार जिसके पास कार्ड होता है जिस समाचार पत्र का मेंबर होता है वह अखबार फर्जी होता है तो पत्रकार फर्जी माना जाता है यदि उसके संपादक का दिया हुआ कार्ड अथॉरिटी लेटर उसके पास है तो फिर वह फर्जी कैसे हो सकता है,
यह किसी का षड्यंत्र हो सकता है पत्रकारों को गुमराह करने का। पत्रकार किसी का कोई खिलौना नहीं जो इन छोटी मोटी बातों में आकर अपने दिमाग को डाइवर्ट करें पत्रकार, पत्रकार ही होता है पत्रकार छोटा बड़ा भी नहीं होता पत्रकार की इज्जत करना सीखो पत्रकार पर विश्वास करना सीखो पत्रकार समाज का आईना है जो पत्रकार विकास के नाम पर बोलता है,
या विकास के नाम पर लिखता है या फिर किसी अधिकारी से जानकारी चाहता है उसको फर्जी बता दिया जाता है क्योंकि उसके अंदर काबिलियत है कुछ जानने की कुछ करने का जज्बा होता है उसको दबा दिया जाता है और ऐसे कुछ षड्यंत्र लोग ऐसा मैसेज बना कर मार देते हैं जांच करा लो । जो फर्जी होगा
पकड़ा जाएगा।
लेकिन फर्जी किसे कहते हैं यह जानना बहुत जरूरी है यह पत्रकारों को बताएं कि फर्जी किस पत्रकार को कहा जाता है।
चौथे स्तम्भ पर आरोप हमेशा लगते रहे हैं और लगते रहेंगे मेरे पत्रकार बंधुओ इन झूठी अफवाहों से किसी भी तरह हमारे किसी साथी को परेशान किया जाता है उस का डटकर मुकाबला करें अपने संगठन को मजबूत करें ताकि इस तरह की समस्याएं जो षड्यंत्र रच कर करना चाहता है उसे मुंह की खानी पड़े

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