रांची रिम्स मे1447 मरीजों की देखभाल के लिए सदर से आयेंगी 150 नर्स

रिपोर्टर पंकज अग्रवाल धनबाद झारखंड- इंतजाम. आज रात से हड़ताल पर जायेंगी रिम्स की 352 जूनियर नर्सें    रिम्स की 352 जूनियर नर्सों ने रविवार की रात 12 बजे से हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है. अनुबंध पर सेवा दे रहीं आठ नर्सों ने भी हड़ताल का समर्थन किया है. रिम्स प्रबंधन के आग्रह के बावजूद नर्सों ने हड़ताल खत्म नहीं करने का निर्णय लिया है. इसके बाद अस्पताल में भर्ती मरीजों की देखभाल के लिए सरकार ने नर्सों की व्यवस्था की है. स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर सिविल सर्जन ने सदर अस्पताल से 150 नर्सों को भेजने की बात कही है. वहीं रिम्स प्रबंधन ने 200 नर्सिंग स्टूडेंट का इंतजाम किया है.
रांची : राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स के विभिन्न वार्डों में 1447 मरीजों का इलाज चल रहा है. इनमें से कई मरीज आइसीयू, ट्रॉमा सेंटर व एनआसीयू में भर्ती हैं. जूनियर नर्सों के हड़ताल पर जाने के बाद मरीजों को कोई परेशानी न हो, इसको लेकर प्रबंधन ने तैयारी कर लिया है. शनिवार की शाम प्रभारी अधीक्षक डॉ जेके मित्रा ने सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक की. नर्सों के हड़ताल पर जाने के बाद आपातकाल से निबटने के लिए क्या प्रबंध किया जाये, इस पर विचार किया गया. वार्ड में दवाओं की कमी न हो व मरीजों को समय पर सूई-दवा मिल जाये इस बारे में पर जानकारी ली गयी.

रिम्स में सीनियर स्टाफ नर्सों की संख्या 44 हैं. इनमें से अधिकांश वार्ड के स्टोर की इंचार्ज हैं. प्रबंधन ने सभी सीनियर नर्सों से सहयोग करने की अपील की है. मेडिकल ऑफिसर स्टोर को पर्याप्त दवाओं का अलग से स्टॉक रखने को कहा गया. इधर, रिटायर्ड अनुबंध पर नियुक्त आठ नर्स व आउटसोर्सिंग पर नियुक्त 34 नर्स को विभिन्न वार्ड में जिम्मेदारी दी गयी है. इधर, हड़ताल पर जानेवाली जूनियर नर्साें ने कहा है कि वह नर्सिंग स्टूडेंट को रिम्स में नहीं आने देंगी.

आवश्यक सेवाएं मुक्त : नर्सिंग एसोसिएशन ने रिम्स इमरजेंसी, लेबर रूम, नियोनेटल सहित महत्वपूर्ण सेवाओं को हड़ताल से अलग रखा है. गंभीर मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए भी सहयोग किया जायेगा.
200 नर्सिंग स्टूडेंट को वार्ड में ड्यूटी पर लगाया जायेगा
महत्वपूर्ण बातें

352 जूनियर व आठ अनुबंध पर नियुक्त नर्सें करेंगी हड़ताल
आउटसोर्सिंग पर 34 व सेवानिवृत्त अनुबंध पर नियुक्त आठ नर्सें देंगी सेवा
रिम्स प्रबंधन ने दवाओं का पर्याप्त स्टॉक वार्ड में भेजने का दिया निर्देश
मरीज हित में हड़ताल वापस लें : मंत्री

स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने कहा है कि नर्सों की सभी मांगें मान ली गयी हैं. एम्स के वेत न व भत्ता के लिए आइजीआइएमएस पटना व अन्य कुछ संस्थानों का वेतनमान मंगाया जा रहा है. इसमें 10 से 15 दिन का समय लगेगा. नर्सों से हमारा अनुरोध है कि वह मरीज हित में हड़ताल पर न जायें.

मजिस्ट्रेट नियुक्त : गिरजा शंकर

अनुमंडल दंडाधिकारी सदर व रिम्स के डिप्टी डायरेक्टर गिरजा शंकर प्रसाद ने कहा कि नर्सों की हड़ताल के मद्देनजर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति कर दी गयी है. बरियातू पुलिस को भी इसकी सूचना दे दी गयी है. इसके लिए विनोद प्रजापति, चंदारानी व सुधांशु पाठक को जिम्मेदारी दी गयी है. रविवार की रात 10 बजे से रिम्स में सभी की ड्यूटी लगायी गयी है.

नर्सों ने बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनायी

एसोसिएशन की अध्यक्ष राम रेखा व सचिव आइवी रानी खलखो की अध्यक्षता में शनिवार को आइसोलेशन वार्ड में दोपहर एक बजे नर्सों ने बैठक की. इसमें हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया. नर्सों ने कहा कि आठ फरवरी को शासी परिषद की बैठक में ठोस फैसला नहीं लिया गया. आश्वासन के बाद हमारे साथ वादा खिलाफी की गयी है. नर्सों के 626 पद स्वीकृत हैं, लेकिन नियुक्ति नहीं की जा रही है. इससे सेवा दे रही नर्साें पर काम का बोझ बढ़ रहा है. वर्ष 2002 से एम्स के समकक्ष यह संस्थान संचालित हो रहा है, लेकिन इसका लाभ कर्मचारियों को नहीं मिल रहा है.

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