दिल्ली से सटे शहर में पत्नी को बाहों में उठाए इलाज के लिए 3 घंटे भटका पति

गौतमबुद्धनगर, उत्तर प्रदेश/नगर संवाददाताः दिल्ली से सटे नोएडा में भी जिला अस्पताल की अमानवीयता का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, शख्स अपनी बीमार पत्नी को लेकर नोएडा के सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल में पहुंचा तो डॉक्टर एक जगह से दूसरी जगह दौड़ाते रहे। शख्स की पत्नी इतनी ज्यादा बीमार थी कि वह खड़ी नहीं हो पा रही थी, जिस पर पति बुधवार की सुबह 3 घंटे तक महिला को बाहों में उठाए धक्के खाता रहा, लेकिन इसके बावजूद महिला को इलाज नहीं मिला। पीड़ित पति के मुताबिक, जब वह पत्नी को लेकर इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचा तो आपातकाली वॉर्ड से ओपीडी भेजा गया। वहां पर्ची बनवाने में ही एक घंटा लग गया। ओपीडी में नंबर नहीं आया तो उसे वापस इमर्जेंसी में लाया गया। इस दौरान महिला का पति उसे गोद में लेकर हर जगह गया। हैरानी की बात है कि अस्पताल प्रशासन बीमार महिला को व्हीलचेयर तक नहीं उपलब्ध करा पाया। वहीं, हद तो तब हो गई जब दोपहर करीब 12 बजे आपातकालीन वार्ड से यह कहकर लौटा दिया गया कि बिस्तर खाली नहीं है। वहीं,  महिला इतनी बीमार थी कि घर लौटते समय वह अस्पताल के गेट पर ही बेहोश हो गई। जिला अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का मामला पिछले साल सितंबर में भी सामने आ चुका है, जब एक महिला की लाइन में लगने के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में भी पीड़ित परिजन आपातकालीन वार्ड से ओपीडी और ओपीडी से आपातकालीन वार्ड तक भटकता रहा था। जिला अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का मामला पिछले साल सितंबर में भी सामने आ चुका है, जब एक महिला की लाइन में लगने के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में भी पीड़ित परिजन आपातकालीन वार्ड से ओपीडी और ओपीडी से आपातकालीन वार्ड तक भटकता रहा था। वहीं, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर अजेय अग्रवाल का कहना है कि  ओपीडी की लाइन में हुई मरीज की मौत मामले में हमने संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई की थी। महिला के बेहोश होने का मामला मेरी जानकारी में नहीं है। परिजनों की शिकायत पर हम इस मामले में भी कार्रवाई करेंगे।

 

 

 

 

 

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