तीन दशक तक देश की सेवा करने वाले 2 भारतीय नौसेना पोतों का सफर खत्‍म

मुंबई, महाराष्ट्र/नगर संवाददाताः करीब तीन दशकों तक देश की सेवा करने वाले भारतीय नौसेना पोतों निर्भीक और निर्घाट का सफर समाप्‍त हो गया। देश की सेवा में दोनों पोतों का क्रमश: 30 और 28 वर्षों का गौरवपूर्ण इतिहास रहा। मुंबई में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निर्भीक और निर्घाट को विदा किया गया। इन पोतों को 70 नाविकों और सात अधिकारियों के एक समूह ने बनाया था। अपनी सेवाकाल के दौरान कई ऑपरेशनों में हिस्‍सा लिया, जिनमें ऑपरेशन पराक्रम और विजय शामिल हैं। निर्भीक और निर्घाट का गौरवपूर्ण इतिहास रहा है। 1971 में भारत-पाकिस्‍तान युद्ध के दौरान कराची बंदरगाह पर दोनों ने अपने मूल अवतार में दुश्‍मनों के छक्‍के छुड़ा दिए थे। कई मौकाें पर निगरानी के लिए दोनों को गुजरात तट पर तैनात किया गया। सीडीआर आनंद मुकुंदन और सीडीआर मोहम्‍मद इकराम दोनों पोतों के आखिरी कमांडिंग ऑफिसर रहे। विदाई समारोह के दौरान मुख्‍य अतिथि के रूप में फ्लैग ऑफिसर वेस्‍टर्न फ्लीट रियर एडमिरल आरबी पंडित माैजूद थे, जो पहले निर्घाट की कमान संभाल चुके हैं।

 

 

Share This Post

Post Comment