सिद्धारमैया के ‘हिंदू टेरर’ बयान पर संग्राम, बीजेपी का कांग्रेस पर हल्लाबोल

बैंगलोर, कर्नाटका/नगर संवाददाताः कर्नाटक में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच जुबानी जंग चरम पर पहुंच गई है। अमित शाह की रैली के बाद जुबानी हमलों का दौर और तेज हो गया है। दोनों तरफ से हमलों का दौर जारी है। इसी जुबानी जंग के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आरएसएस और बीजेपी के कार्यकर्ताओं को हिंदू उग्रवादी बता दिया जिस पर अब बीजेपी हमलावर है। बीजेपी ने सिद्धारमैया पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस का हिंदुओं के प्रति रुख खुल कर सामने आ गया है। इसे लेकर बीजेपी ने कल जेल भरो आंदोलन का ऐलान किया है। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि इससे पहले भी कांग्रेस सरकार के दौरान हिंदू आतंकवाद का जिक्र हो चुका है। अब कर्नाटक में भी इस मुद्दे को उठाया जा रहा है। राहुल को निशाने पर लेते हुए पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी जनेऊ पहनकर अस्थाई हिंदू बनने की कोशिश में हैं. इससे  कांग्रेस की सोच सामने आ रही है। सिद्धारमैया के बीजेपी-आरएसएस को हिंदू उग्रवादी बताने के बाद बीजेपी हल्लाबोल के मोड में आ गई है. राज्य की बीजेपी नेता शोभा करंदलजे ने शुक्रवार को पूरे कर्नाटक में जेल भरो आंदोलन का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि हम सरकार से कहेंगे हमें गिरफ्तार कर लीजिए, क्योंकि हम बीजेपी और आरएसएस से हैं। कांग्रेस हम पर बैन की बात करती है लेकिन उसने ही खालिस्तान, उल्फा और लिट्टे का समर्थन किया है।  मुख्यमंत्री अपने बयान पर माफी मांगें। सिद्धारमैया ने कहा था कि बीजेपी, आरएसएस और बजरंग दल एक तरह के आतंकवादी हैं. सरकार को ऐसे लोगों को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए जो समाज की शांति को भंग करते हों। चाहे वो पीएफआई हो, एसडीपीआई हो या वीएचपी, आरएसएस। बाद में सिद्धारमैया ने कहा कि  मेरे कहने का मतलब ये था कि बीजेपी और आरएसएस हिंदुत्व उग्रवादी हैं। अब सिद्धारमैया के इस बयान पर संग्राम छिड़ा हुआ है। बीजेपी ने बुधवार को इस पर पलटवार करते हुए कहा था कि सिद्धारमैया ध्रुवीकरण की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए कि ये 1975 नहीं है और इंदिरा गांधी प्रधानमंंत्री नहीं हैं।

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