राजपथ पर नजर आएगी उत्तराखंड के ग्रामीण पर्यटन की झांकी

देहरादून, उत्तराखंड/नगर संवाददाताः इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड के लिए उत्तराखंड की झांकी ‘ग्रामीण पर्यटन’ को रक्षा मंत्रालय ने नई दिल्ली में आयोजित बैठक में अंतिम रूप से चयनित कर लिया गया है। महानिदेशक सूचना डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने बताया है कि रक्षा मंत्रालय के अधीन गठित विशेषज्ञ समिति के सम्मुख 29 राज्यों और 20 मंत्रालयों ने अपने प्रस्ताव रखे थे। इनमें से अंतिम रूप से केवल 14 राज्य और सात मंत्रालयों की झांकियों का चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन से लेकर अब तक उत्तराखंड की ओर से वर्ष 2003 में फूलदेई, वर्ष 2005 में नंदा राजजात, वर्ष 2006 में फूलों की घाटी, वर्ष 2007 में कार्बेट नेशनल पार्क, वर्ष 2009 में साहसिक पर्यटन, वर्ष 2010 में कुंभ मेला, वर्ष 2014 में जड़ी-बूटी, वर्ष 2015 में केदारनाथ तथा वर्ष 2016 में रम्माण विषयों की झांकियों का प्रदर्शन राजपथ पर किया जा चुका है। महानिदेशक सूचना डॉ. पांडेय के मुताबिक राज्य की झांकी के अग्र भाग में काष्ठ कला से निर्मित भवन व पयर्टकों का स्वागत करते हुए पारंपरिक वेशभूषा में महिला व पुरुषों को दर्शाया गया है। झांकी के मध्य भाग में पर्यटकों के साथ पारंपरिक नृत्य, ग्रामीण परिवेश, जैव विविधता तथा पर्यटकों का आवागमन प्रदर्शित किया गया है। झांकी के पृष्ठ भाग में होम स्टे के लिए वास्तु शिल्प के भवन, योग-ध्यान व बर्फ से ढके पहाड़ को दर्शाया जा रहा है।

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