गुजरात के पतंग महोत्सव में सिरकत कर रहे हैं 44 देश के लोग

अहमदाबाद, गुजरात/नगर संवाददाताः गुजरात की बहुप्रतीक्षित मकर संक्रांति में कुछ ही दिन बचे हैं। इसी मौके पर अहमदाबाद में अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का शुभारंभ हो गया है। देश-दुनिया से आए पतंगबाज बड़ी-बड़ी पतंगों के साथ अपने हूनर को दिखा रहे हैं। मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने साबरमती रिवरफ्रंट पर इस महोत्सव का उद्घाटन किया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता से आज राज्य का पतंग महोत्सव ऊंचाई पर चला गया है। महज सौ करो़ड़ रुपए का पतंग कारोबार पांच सौ करो़ड़ रुपए को पार कर गया है। सरकार को इस वर्ष पतंग उद्योग में 2.5 प्रतिशत बढ़ोतरी की आस है। राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित यह उत्सव 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन संपन्न होगा। पतंग उद्योग से करीब तीन लाख लोगों की रोजीरोटी जु़ड़ी है। इस महोत्सव में 44 देशों के 150, 18 राज्यों के 200 तथा गुजरात के 300 पतंगबाज शामिल हैं। अहमदाबाद में 1989 में पहली बार अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का आयोजन किया गया था। इस साल फेस्टिवल का 29वां साल है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोषी ने कहा कि गुजरात सरकार रणोत्सव पर 160 करो़ड़, नवरात्र पर 110 तथा पतंग महोत्सव पर 235 करो़ड़ रुपए खर्च कर रही है। यह खर्च विदेशी मेहमानों पर ही हो रहा है। सरकार को पतंग कारोबार से जु़ड़े गरीब परिवारों की मदद करनी चाहिए। बॉक्स जीएसटी लागू होने से राजस्व घटा है। गुजरात पर्यटन विभाग के मुख्य सचिव एसजे हैदर के मुताबिक, इस वर्ष पतंग उद्योग में 2.5 प्रतिशत बढ़ोतरी की उम्मीद है, जो पिछले साल की बढ़ोतरी 7.5 प्रतिशत से कम है। हैदर ने कहा कि वर्ष 2015-16 में 572 करो़ड़ का राजस्व मिला था, जबकि 2016–17 में यह 615 करो़ड़ रुपए था। मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने पतंग महोत्सव का उद्घाटन कर गुजरात के विकास की तुलना पतंग के आकाश में उड़ने से की। विपक्ष ने महोत्सव के बहाने विदेशियों पर 505 करोड़ रुपए खर्च करने का आरोप लगाया है।राज्यपाल ओपी कोहली की उपस्थिति में गुजरात सरकार के पतंग महोत्सव का उद्घाटन हुआ। कोहली ने मकर संक्रांति को शुभ का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह उत्तरोत्तर प्रगति की निशानी है। मुख्यमंत्री रुपानी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता से आज राज्य का पतंग महोत्सव ऊंचाई पर चला गया है। महज सौ करोड़ रुपए का पतंग कारोबार पांच सौ करोड़ रुपए को पार कर गया है। रपानी ने कहा कि गुजरात का विकास भी पतंग की तरह आकाश छू रहा है। रुपानी ने कहा कि मकर संक्रांति प्यार व भाईचारा का त्योहार है। इस त्योहार के कारोबार से अल्पसंख्यक समुदाय के परिवार बड़े पैमाने पर जुड़े हैं। पर्यटन मंत्री गणपत सिंह वसावा ने बताया कि उत्सव में 44 देशों के 150, 18 राज्यों के 200 तथा गुजरात के 300 पतंगबाज शामिल हुए हैं। पतंग कारोबार आज 505 करोड़ रुपए का हो गया है। उधर कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोषी ने कहा कि सरकार रणोत्सव पर 160 करोड़, नवरात्र पर 110 तथा पतंग महोत्सव पर 235 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। यह खर्च विदेशी मेहमानों पर ही हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को पतंग कारोबार से जुड़े गरीब परिवारों की मदद करनी चाहिए।

 

 

 

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