16 साल बाद मिला इंसाफ

पठानकोट, पंजाब/संजय पुरीः शहर के श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्केट में एक दुकान के मालिकाना हक को लेकर 16 वर्ष तक लोकल वाॅडी विभाग में चले केस के बाद इंसाफ मिलने पर पठानकोट व्यापार मंडल के महासचिव व दुकान के असल मालिक मनिन्द्र सिंह ने खुशी व्यक्त की वहीं शामिल तीन आरोपियों के खिलाफ तुरंत कार्यवाही की मांग की। आज पठानकोट व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल महाजन, संस्थापक एसएस बावा, अश्विनी गुप्ता, नरायण दीप सिंह, गुरदीप सिंह, सुनील गुप्ता, अशोक अग्रवाल व अन्य दूसरेे सदस्यों के साथ पत्रकार वार्ता के दौरान मनिन्द्र सिंह ने बताया कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्केट बनने से पहले वहां पर उनके पिता अवतार सिंह की दुकानें थे। ट्रस्ट वर्ष 2002 में यहां पर मार्केट बनाते समय उनकी दुकानों को इंक्वायर करते हुए कहा कि तीन में से उन्हें दो दुकानें मिलेंगी, रिजर्व प्राइज पर। मनिन्द्र सिंह ने बताया कि उस समय ट्रस्ट के अधिकारियों, चेयरमैन ने मिलीभगत कर कागजों से छेड़छाड़ कर दुकान किसी अन्य को दे दी तथा उन्हें केवल एक दुकान ही मिली। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने तुरंत लोकलवाॅडी विभाग में शिकायत की परन्तु उन्हें इंसाफ नहीं मिला। अब पंजाब में लोकलवाॅडी विभाग के कर्मठ और सूझवान मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के आने पर उन्हें इंसाफ की आस लगी तो मई 2017 में समूह व्यापार मंडल उन्हें चंडीगढ़ में मिला तथा सारे मामले की जानकारी दी कि कैसे उसके साथ धोखा किया गया। मंत्री नवजोेत सिंह सिद्धू ने तुरंत विजिलेंस जांच के आदेश दिये। विजिलेंस जांच में यह साफ हो गया कि कागजों से छेड़छाड़ कर उनकी 12 नवम्बर दुकान को किसी अन्य के नाम कर दिया तथा 20 दिसम्बर को लोकलवाॅडी विभाग ने पत्र नम्बर 5/76/2017 2सस2/1129980/1 पठानकोट ट्रस्ट के चेयरमैन कम डीसी पठानकोट को वर्ष 2002 में तत्कालीन चेयरमैन प्रशोत्तम अरोड़ा, रेंट कलर्क विनय शर्मा तथा दुकान लेने वाले परमजीत सिंह के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिये हैं, वहीं 12 नम्बर दुकान नियमों के तहत असली हकदार को अलाट कर सरकार को सूचित करने के लिए कहा गया है। वहीं मौजूदा ईओ मनोज कुमार ने कहा कि इस केस की इंक्वायरी सरकार की ओर से कई गई थी तथा आगे की कार्यवाही माननीय चेयरमैन कम डीसी पठानकोट की ओर से की जाएगी।

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