दिल्ली में प्रदूषण से निपटने को 12 बिंदुओं वाला ड्राफ्ट तैयार

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली में 12 बिंदुओं का डॉफ्ट प्लान तैयार हो गया है। इसमें पराली से लेकर शोध रिपोर्ट तक व हॉटलाइन और एप पर मिली रिपोर्ट को भी शामिल किया गया है। एनसीआर के लिए बनाए गए इस प्लान को उच्चस्तरीय टास्क फोर्स ने तैयार किया है। इस प्लान को तैयार करने वाली टास्क फोर्स की अध्यक्षता पीएम नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा कर रहे हैं। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध इस प्लान पर 15 दिन में लोगों से सुझाव मागे गए हैं। इस ड्राफ्ट एक्शन प्लान में एक जर्नी प्लानर एप को भी शामिल किया गया है। इसे मेट्रो, दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी ट्रांजिट सिस्टम (डीआइएमटीएस) और दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) बस सेवा से जोड़ा जाएगा। छह माह में डीटीसी, क्लस्टर और मेट्रो में कॉमन टिकटिंग को लागू करने की बात भी शामिल की गई है। इस प्लान में कई एक्शन शामिल किए गए हैं जिन पर टास्क फोर्स की नजर रहेगी। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के सचिव सी के मिश्रा इस पूरे प्लान को लेकर समन्वयक की भूमिका अदा करेंगे। इसमें पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली की समस्या को कम करने के उपाय भी शामिल किए गए हैं। इसमें पराली को सही तरीके से निपटाना व पराली को जलाने का रियल टाइम डाटा आदि शामिल है। इसके अलावा दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के साथ मिलकर दिल्ली-एनसीआर में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन का पूरा नेटवर्क तैयार करना भी इस एक्शन प्लान में शामिल है। दिल्ली के अलावा इस एक्शन प्लान में एनसीआर के जिलों में प्रदूषण से जुड़ी समस्याओं के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी करने और पॉल्यूशन एप बनाने का प्रस्ताव भी है। इस पर लोग तस्वीरें लोड कर सकेंगे और शिकायतों पर तय समय में कार्रवाई हो पाएगी। इसके अलावा एनसीआर के ऊर्जा उत्पादन संयंत्रों को तय समयावधि में नाइट्रोजन ऑक्साइड कम करने के लिए भी कहा गया है। इसमें एनटीपीसी के साथ अन्य ऑपरेटरों को शामिल किया गया है। पर्यावरण मंत्रालय को एक डैश बोर्ड तैयार करने को भी कहा है, जिसमें एनसीआर की सभी लाल यानी खतरनाक श्रेणी वाली प्रदूषित यूनिटों की जानकारी होगी। ऐसी यूनिटों में प्रमाणित पॉल्यूशन मीटर स्थापित करने को भी कहा गया है। साथ ही एनसीआर में चल रहे ईट भट्ठों, खास तौर पर बागपत और झज्जर पर कड़ी कार्रवाई की बात भी ड्राफ्ट प्लान में शामिल है। इसके अलावा दिल्ली में चार माह में 40 फीसद सड़कों की सफाई मेकेनाइज्ड करने का भी प्लान है। अभी यह महज 15 फीसद है। लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग और तीनों नगर निगमों को सेंट्रल वर्ज, सड़क किनारे और नालों के दोनों तरफ एक साल तक घास लगाने को भी कहा गया है। धूल को कम करने के लिए छिड़काव आदि को शामिल किया गया है। ड्राफ्ट प्लान में लास्ट माइल कनेक्टिविटी बढ़ाने, अतिरिक्त बसों को खरीदने व मेट्रो में कोच बढ़ाने की बात है। इसमें दिल्ली को बाईपास करने वाले ट्रकों का प्रवेश दिल्ली में बंद करने का प्लान भी है। इस एक्शन प्लान के मुताबिक जिला उपायुक्तों को सॉलिड वेस्ट पर 15 दिन में प्लान तैयार करना होगा, जिसमें 100 फीसद कनेक्शन और प्रोसेसिंग का प्लान शामिल होगा। प्लान पर हर समय नजर रखे जाने की व्यवस्था होगी। ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे का निर्माण तय समय पर पूरा करना भी इस प्लान का हिस्सा होगा। ट्रैफिक पुलिस ऐसी जगहों का चयन करेगी, जहा हर समय जाम रहता है और इन्हें दूर करने का प्लान तैयार होगा। इसकेअलावा मेरठ, रोहतक और गुरुग्राम डिवीजन के लिए भी इसी तरह का प्लान बनाया जाएगा।

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