दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद हुए गुरमेल सिंह

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अमृतसर, पंजाब/गुरप्रीत सिंहः शूरवीर सैनिक अपने देश के लिए जीवन का बलिदान देना गर्व समझते हैं और तिरंगे में लिपटा हुआ घर आना किसी किसी को नसीब होता है, कुछ यही शब्द थे शहीद लांस नायक गुरमेल सिंह के। तिरंगे में लिपटा आऊंगा की कथनी को उसने सच कर दिखाया। दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद हुए गुरमेल सिंह के शहादत की खबर जैसे ही उसके परिवार ओर गांव में पहुंची तो मातम छा गया। देर शाम को गुरमेल सिंह का शव आने पर पूरे सरकारी सम्मान के साथ गुरमेल का अंतिम संस्कार किया गया। गुरमेल के पिता ने कहा कि उनको अपने बेटे की शहादत पर गर्व है, उन्होंने कहा कि गुरमेल हमेशा हमारे दिलो-दिमाग में ज़िंदा रहेगा। उसके बेटे ने देश के लिए अपने जीवन का बलिदान कर दिया है और अपने गांव का नाम रोशन किया है। गुरमेल की पत्नी कुलजीत कौर ने बताया कि गुरमेल हमेशा देश पर मर मिटने व शहीद होने की बातें करता था और आज उसने अपनी कथनी को सच कर दिखाया है। शहीद की 8 वर्ष की एक बेटी भी है, जो अपने पिता की शहादत से दुखी है और रो-रो कर उसका बुरा हाल है और वह विलाप करती कह रही थी कि पापा आप हमें छोड़कर कहां चले गए। कस्बा कत्थूनंगल के गांव अलकड़े के रहने वाले गुरमेल के अंतिम संस्कार में डी.सी. कमलदीप सिंह संघा सहित पूरे गांव के लोग व अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता भी उपस्थित रहे। डी.सी. कमलदीप सिंह संघा ने कहा कि शहीद के परिवार को पंजाब सरकार की तरफ से हरसंभव मदद दी जाएगी।

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