स्वचालित मेट्रो दीवार को तोड़ती हुई लटकी, हरकत में आया केंद्रीय मंत्रालय

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः मंगलवार को स्वचालित मेट्रो ट्रेन कालिंदी कुंज डिपो की दीवार को तोड़ती हुई लटक गई। गनीमत यह रही कि हादसे में कोई घायल नहीं हुआ। इस हादसे के बाद केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने मैजेंटा लाइन पर परिचालन शुरू करने से पहले दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) को दोबारा से नए सिरे से सेफ्टी क्लीयरेंस कराने का निर्देश दिया है। उक्त घटनाओं पर मंत्रालय असहज है। माना जा रहा है कि अब मैजेंटा लाइन के उद्घाटन को लेकर पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) भी तब तक कोई कदम नहीं उठाएगा जब तक सेफ्टी क्लीयरेंस को लेकर डीएमआरसी की टीम सौ फीसद दावा नहीं करती। ऐसे में उद्घाटन का कार्यक्रम टलने के भी आसार हैं। देश में पहली बार दिल्ली मेट्रो पटरी पर स्वचालित टे्रन उतारने जा रही है। इससे पूर्व स्वचालित मेट्रो के बेपटरी होने और दीवार तोड़कर लटकने जैसी घटना को गंभीर मानते हुए मंत्रालय ने नए सिरे से पूरे लाइन की सेफ्टी क्लीयरेंस को अनिवार्य बताया है। घटना के बाद डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह द्वारा गठित ने तीन सदस्यों की कमेटी की रिपोर्ट के साथ ही मैजेंटा लाइन पर मेट्रो रेल सेफ्टी कमिश्नर से निरीक्षण रिपोर्ट के बाद ही इस लाइन पर सेवा शुरू की जाएगी। डीएमआरसी फेज तीन की तहत तैयार हुई दो नई लाइनों में सबसे पहले लाइन मैजेंटा लाइन के नोएडा स्थित बॉटेनिकल गार्डेन से कालकाजी के बीच मेट्रो का परिचालन गत मार्च महीने में ही होना था। तब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ उसके बाद लाइन को चालू करने के लिए अक्टूबर फिर 25 दिसंबर का दिन मुकर्रर किया गया है।  डीएमआरसी के अनुसार इस लाइन के दिल्ली के कालकाजी से नोएडा के बोटैनिकल गार्डन तक के हिस्से का ट्रायल पूरा हो गया है और मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त ने इसे हरी झंडी दे दी है। नए सिरे से सेफ्टी क्लीयरेंस के दौरान मेट्रो लाइन पर निर्धारित समय सीमा में परिचालन, सिग्नल से लेकर स्टेशन पर आवाजाही से लेकर आपातकालीन स्थिति में स्टेशन परिसर से सुरक्षित बाहर निकलने आदि के बारे में देखा जाएगा। सब कुछ ठीक रहा तो तभी मेट्रो रेल सेफ्टी कमिश्नर लाइन चालू करने के लिए हरी झंडी देंगे। बता दें कि दिल्ली मेट्रो की जिस मैजेंटा लाइन का 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन करने वाले हैं, उसकी एक ट्रेन मंगलवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गई। मामले की जांच के लिए डीएमआरसी की ओर से तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। साथ ही दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने भी दिल्ली मेट्रो से हादसे के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। इस लाइन के दिल्ली के कालकाजी से नोएडा के बोटेनिकल गार्डन तक के हिस्से का ट्रायल पूरा हो गया है और मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त ने इसे हरी झंडी दे दी है। दिल्ली मेट्रो के कालिंदी कुंज डिपो की सीमेंट से बनी दीवार मंगलवार अपराह्न 3.40 बजे अचानक तेज धमाके के साथ नाले में ढह गई। शोर सुनकर लोग वहां पहुंचे तो देखा मेट्रो का एक डिब्बा दीवार को तोड़कर नाले की ओर लटक रहा था। हादसा उस वक्त हुआ, जब डिपो के वर्कशॉप में एक ट्रायल मेट्रो ट्रेन को धुलाई के लिए वॉशिंप रैंप पर ले जाया जा रहा था। इसके ब्रेक सिस्टम को चेक नहीं किया गया जिसके कारण ढलान पर ट्रेन पीछे की ओर चल पड़ी और डिपो की बाउंड्री को तोड़ते हुए लटक गई। वर्कशॉप में ले जाते ही ट्रेन के ब्रेक को भी फ्री कर दिया जाता है। ट्रेन को डिपो शेड से वापस निकालते समय मेनटेनेंस स्टाफ द्वारा इसकी फिर से जांच की जाती है। वर्कशॉप में ट्रेन का मूवमेंट सिग्नलिंग सिस्टम से नहीं, बल्कि मैन्युअल होता है। शुरुआती जांच से लग रहा है कि मेनटेनेंस स्टाफ से ट्रेन का चार्ज लेने वाले व्यक्ति ने बिना ब्रेक चेक किए ही इसे वॉशिंग रैंप पर चढ़ाने का प्रयास किया, जिससे ट्रेन ढलान पर पीछे चल पड़ी और दीवार से टकरा गई। प्रथमदृष्टया यह मानवीय भूल लग रही है। जो भी दोषी मिला, कार्रवाई की जाएगी।

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