2003 के बाद विकास कार्यो की गति खटाई में, नही लगा कोई बड़ा प्रोजेक्ट

सीवान, बिहार/संजय कुमारः महाराजगंज/सीवान महाराजगंज की पहचान संसदीय क्षेत्र, महाराजगंज विधानसभा क्षेत्र, व्यपारिक दृष्टि कोण से भी पूर्व का अनोखा एक अपनी पहचान वाला शहर रहा। परंतु आज वही शहर अपनी विरासत पाने के लिए तरस रहा है आज से दो दशक पहले बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने महाराजगंज को अनुमंडल का दर्जा दिया और आज अनुमंडल भी पूर्ण रुप से कार्य नहीं कर रहा है। 2003 की चर्चा की जाए तो महाराजगंज में भारत के उपराष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत जी ने महाराजगंज के तत्कालीन विधायक उमाशंकर सिंह की उपस्थिति में 23 मार्च 2003 को इंडोर स्टेडियम का सौगात दिया था जो आज उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। 2003 में ही 4 जून को भारत सरकार के रेल मंत्री नीतीश कुमार जी ने 4 जून को सांसद प्रभुनाथ सिंह के उपस्थिति में महाराजगंज मशरख नई रेलवेलाइन का शिलान्यास किया था जो आज तक नई रेल पटरियों पर रेल गाड़ी नहीं दौड़ी। पूर्व जदयू विधायक स्वर्गीय दामोदर सिंह ने महाराजगंज को एक स्ट्रीट हाईमास्क लाइट दिया जो कई वर्षों तक मीनार की तरह खड़ा रहा। शहर के कुछ लोगों के विरोध पर नगर पंचायत में जिलाधिकारी की अनुमति पर स्ट्रीट हाईमास्कलाइट को ट्रांसफार्मर लगा लाइट तो जला परंतु वर्तमान समय में स्ट्रीट लाइट का चार बल्ब फ्यूज हो चुका है। जिसको देखने वाला कोई नहीं है। वही हालात महाराजगंज में 2003 में बनी इंडोर स्टेडियम का है। बद से बदतर स्थिति से गुजर रहा है इंडोर स्टेडियम इंडोर स्टेडियम का ऊपर का करकट पूर्ण रुप से टूट चुका है। आज भी स्टेडियम के आस पास गंदगी का अम्बार लगा हुआ है। जिस रफ्तार से विकास होने चाहिए आखिर किन कारणों से धीमा है,समझ से परे हैं।

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