पीएम ने पहली मेड इन इंडिया स्कॉर्पीन सबमरीन नेवी को सौंपी

मुंबई, महाराष्ट्र/दानारामः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मुंबई में नौसेना को कलवरी पनडुब्बी सौंपी। कलवरी सबमरीन को कमीशन करने के बाद पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में फ्रांस ने काफी मदद की है। कलवरी प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि मैं इसको स्पेशल नाम से बुलाता हूं, एसएजीएआर यानी सिक्योरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन। पीएम ने यह भी कहा कि भारत आतंकवाद, ड्रग स्मगलिंग आदि से निपटने में महत्वपूर्ण रोल निभा रहा है। मोदी ने अपनी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले तीन सालों में रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में काफी बदलाव हुए हैं। कार्यक्रम में मोदी ने जम्मू-कश्मीर का जिक्र करते हुए कहा कि वहां एक साल में 200 से ज्यादा आतंकी मारे जा चुके हैं और पत्थरबाजी की घटनाओं में भी कमी आई है। स्कॉर्पीन श्रेणी की इस पनडुब्बी को शिपबिल्डर्स मझगांव डॉक लिमिटेड में तैयार किया गया है। अधिकारी ने बताया कि कलवरी का 120 दिनों का व्यापक समुद्री परीक्षण किया जा चुका है। इससे भारतीय नौसेना की रक्षा क्षमताएं बढ़ने की उम्मीद है। फ्रांस नौसेना और ऊर्जा कंपनी डीसीएनएस ने पनडुब्बी का डिजाइन तैयार किया है। इसे भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट-75 के तहत मुंबई के मंझगांव डॉकयॉर्ड में तैयार किया गया है। कलवरी का नाम टाइगर शार्क के नाम पर रखा गया है। 1967 को पहली पनडुब्बी आईएनएस कलवरी नौसेना में शामिल हुई थी, जिसे 31 मई 1996 को सेवानिवृत्त कर दिया गया था।

Share This Post

Post Comment