प्रद्युम्न हत्याकांड में बस हेल्पर अशोक की जमानत पर कल होगा फैसला

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः प्रद्युम्न हत्याकांड में एसआइटी द्वारा गिरफ्तार बस सहायक अशोक को जमानत मिलेगी या नहीं, इसके ऊपर सभी की नजर है। वहीं, सोमवार को एक बार फिर जमानत की अर्जी पर विशेष अदालत में सुनवाई हुई, लेकिन फैसला टल गया। कोर्ट अब मंगलवार तीन बजे सुनवाई करेगा। आज सुनवाई में दोनों पक्षों की बहस के बाद कोर्ट ने अपना फैसला कल तक के लिए सुरक्षित रख लिया। अपना पक्ष रखने के लिए न केवल अशोक के अधिवक्ता एवं सीबीआइ के अधिवक्ता मौजूद रहे, बल्कि प्रद्युम्न के पिता वरुणचंद ठाकुर के अधिवक्ता सुशील टेकरीवाल भी मौजूद थे। गांव भोंडसी के नजदीक स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल के छात्र प्रद्युम्न की गला रेतकर हत्या स्कूल के ही बाथरूम में आठ सितंबर को कर दी गई थी। आरोप में गुरुग्राम पुलिस द्वारा गठित एसआइटी ने बस सहायक अशोक को गिरफ्तार किया था। जब सीबीआइ ने मामले में एक छात्र को गिरफ्तार कर लिया फिर अशोक की तरफ से जमानत की अर्जी लगा दी गई। 16 सितंबर को दिन भर अर्जी के ऊपर बहस चली, लेकिन नतीजा कुछ भी सामने नहीं आया। अब एक बार फिर सोमवार को बहस होगी। कानून के जानकारों का मानना है कि सोमवार को भी अशोक को जमानत मिलना मुश्किल है, क्योंकि छात्र के खिलाफ चार्जशीट पेश करने से पहले सीबीआइ अशोक को क्लीन चिट देने को तैयार नहीं। इससे साफ है कि सीबीआइ फिलहाल द्वंद की स्थिति में है। यही नहीं, प्रद्युम्न के पिता वरुणचंद ठाकुर की ओर से अदालत में पक्ष रखने वाले सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील टेकरीवाल भी फिलहाल जमानत का विरोध कर रहे हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि चार्जशीट दाखिल होने तक अशोक को जमानत नहीं मिलनी चाहिए। सीबीआइ द्वारा छात्र के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करते ही सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील टेकरीवाल कहते हैं कि मामले में चाहे जो भी मोड़ आ जाए रेयान इंटरनेशनल स्कूल के मालिक पिंटो परिवार नहीं बच सकता। हत्या के बाद खून साफ करने का प्रयास किया गया, ऐसा प्रबंधन ने क्यों किया? सीन आफ क्राइम के साथ छेड़छाड़ करना संगीन अपराध है। इसके लिए पिंटो परिवार को जवाब देना होगा। भले ही अशोक को सीबीआइ क्लीन चिट दे दे, लेकिन पिंटो परिवार का मामले से पीछा नहीं छूटने वाला है।

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