अहिंसा समारोह 2017 की समाप्ति हुई

मुंबई, महाराष्ट्र/दीपक बसवालाः अहिंसा महोत्सव का दूसरा संस्करण शहर में समाप्त हुआ। यह त्योहार 18 दिनों तक चला। करूणा की शक्ति जगाना लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और जानवरों से क्रूरता मुक्त व्यवहार करना यह इस महोत्सव के मुख्य उद्देश्य है। महोत्सव की संयोजक डॉ. रूपा जो अहिंसा परमों धर्म समूह (एपीडीजी) की सदस्य हैं और जिन्होने वार्षिक अहिंसा समारोह श्रृंखला की सह-स्थापना की है उन्होने कहा कि ”अहिंसा शब्द का मूल अर्थ है- किसी को भी कोई नुकसान नहीं पहुचाना। करूणा एक सार्वभौमिक अवधारणा है जो सभी जीवों पर लागू होती है, जिसमें सभी जानवर शामिल हैं। सभी जीवों में दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा की चिंगारी है। इस साल हमने अपार-सफलता हासिल की है, हम सभी इस महोत्सव को अगले साल और बड़ा और बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे।“ मोनिका चोपड़ा, फैशन शो के संस्थापक ने कहा कि फैशन डिजाइनर होने के नाते हमे यह सोचना बहुत जरूरी है कि हम जो पोशाख बनाते हैं वो कहीं किसी को दर्द और दुख देकर आता है क्या? हम जानवरों के अधिकारों और पर्यावरण के बारे में बेहद संवेदनशील है और जैविक, क्रूरता रहित, टिकाऊ सामग्री को उजागर करते हुए एक फैशन शो डिजाइन करते हैं। हम जिस मेकअप का उपयोग करते है वह क्रूरता रहित और शाकाहारी है। यह उत्पाद पशु परीक्षण से मुक्त है। स्वामी पार्थसारथी की बेटी और शिष्या सुनंदा पार्थसारथी ने लोगों के साथ चर्चा करते हुए कहा कि कैसे आध्यात्मिकता एक सेवानिवृत्ति की योजना नहीं है और करूणा सभी धर्मो के केंद्र में है। समापन समारोह में 20 से अधिक पॉप-अप भोजन स्टालों, ओर्गानिक स्टालों, किसान बाजार और क्रूरता मुक्त जीवन शैली उत्पादों का एक बड़ा प्रदर्शन था। फ्लाइंग कारपेट एंटरटेनमेंट द्वारा एक लाइव एक लाइव संगीत कार्यक्रम था। फैशन शो के लिए शो-स्टपर सुश्री पूजा बिमरह मिस वर्ल्ड हेरिटेज 2015 और मिस सुपरमॉडेल 2017 भारत ने कहा ”यह एक अनूठा फैशन शो है। जो न सिर्फ बाहर से खूबसूरत है बल्कि प्रक्रियाओं और सामग्रियों से भी खूबसूरत है। उन्होंने ऊन, चमड़े और सौंदर्य प्रसाधन जिन्हें जानवरों पर परीक्षण किया जाता है ऐसे उत्पादनों का प्रयोग नहीं किया है। मुझे लगता है ि कइस जीवन शैली के बारे में जागरूकता बढ़नी चाहिए और हर किसी को क्रूरता मुक्त उत्पादों का इस्तेमाल करना चाहिए। महोत्सव का उद्घाटन अमृता देवेंद्र फडणवीस, डॉ. विल टटल और डॉ. नंदिता शाह द्वारा किया गया था। फिल्म कार्यशाला, वार्ता, साइक्लोथॉन, पॉट्लक्स, वेबिनार और सेमिनार से लेकर शहर भर में 100 से अधिक सैटेलाइट इवेंट्स इस महोत्सव के अंतर्गत अयोजित किये गए। इस महोत्सव ने शहर भर में बीस हजार से अधिक लोगों की जिंदगी को छुआ है।

Share This Post

Post Comment