हवा की गुणवत्ता में सुधार से दिल्ली ‘इमरजेंसी’ से बाहर

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः मौसम का रुख बदलने से मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर के वायु प्रदूषण में काफी सुधार देखने को मिला। हवा की गति बढ़ने से दृश्यता का स्तर बढ़ा और वायु प्रदूषण के इंडेक्स में भी गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को इस स्थिति में और सुधार होने की संभावना है। विशेषज्ञों के मुताबिक, राजधानी में 15 क्षेत्रों में से छह क्षेत्रों में ‘सीवियर’ के मुकाबले ‘वेरी पूअर’ स्तर रिकॉर्ड किया गया। यह पिछले हफ्ते के मुकाबले पहली बार दर्ज किया गया है। जानकारों ने कहा कि हवा की रफ्तार बीते हफ्ते की तुलना में दोगुनी होने की वजह से पड़ोसी राज्यों व एनसीआर में बूंदाबांदी की संभावना है, वायु की गुणवत्ता में और सुधार होने के आसार हैं, यह ‘वेरी पूअर’ या ‘पूअर’ श्रेणी में आ जाएगी। वहीं, मंगलवार को हवा की गति 15 से 16 किलोमीटर प्रति घंटे तक रही। मिक्सिंग हाइट (जिस ऊंचाई पर हवा में प्रदूषक तत्व जमा होते हैं) भी एक किलोमीटर से ऊपर 1282 मीटर तक दर्ज की गई। हवा की गति और मिक्सिंग हाइट बढ़ी तो दिल्ली- एनसीआर के वायु प्रदूषण का औसत इंडेक्स भी 400 से नीचे गिरकर 398 पर पहुंच गया। हालांकि औसत स्तर पर यह अब भी बहुत खराब श्रेणी में है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अतिरिक्त निदेशक डॉ. दीपांकर साहा के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में हवा की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। वातावरण से धुआं छंट रहा है। स्काईमेट वेदर के मुख्य मौसम विज्ञानी महेश पलावत ने बताया कि जम्मू-कश्मीर और राजस्थान में बारिश हुई है। बुधवार को भी वहां बारिश होने की संभावना है। ऐसे में दिल्ली में भी ठंडक बढ़ रही है। दो-तीन दिन में दिल्ली में भी हल्की बारिश हो सकती है। अब प्रदूषण में सुधार ही होगा और अगले दो दिन में वायु प्रदूषण इंडेक्स भी काफी नीचे आ जाएगा। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण इंडेक्स खतरनाक स्थिति से नीचे गिरकर बहुत खराब श्रेणी में आ गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को ध्यान में रखें तो अगले कई दिन अब स्थिति अनुकूल रहने वाली है, लेकिन तब भी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के प्रावधान इमरजेंसी वाले ही लागू रहेंगे। सीपीसीबी के सदस्य सचिव ए सुधाकर ने बताया कि अभी निश्चिंत नहीं हुआ जा सकता। बुधवार को टास्क फोर्स की बैठक में मौजूदा हालात की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार औसत एक्यूआई दिल्ली व एनसीआर का 398 है, जबकि प्रमुख प्रदूषक पीएम 2.5 या 2.5 मिमी से कम व्यास वाले कण शाम छह बजे 397 यूनिट रिकॉर्ड किए गए हैं। इसे ‘वेरी पूअर’ माना जाता है। हालांकि, दिल्ली का औसत एक्यूआई शाम छह बजे 407 था, इसके साथ ही 406 यूनिट पर पीएम2.5 था। इसे ‘सीवियर’ माना जाता है।

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