हिन्दुत्व को कलंकित करने का यड्यंत्र

गौतमबुद्धनगर, उत्तर प्रदेश/चंद्रपाल प्रजापतिः भारत वर्ष में अगर राजनीति में प्रवेश लेना हो या राजनीति चमकानी हो तो सबसे सरल तरीका बहुसंख्यक हिन्दुओ को अपमानित करो या उनके मान बिन्दुओ पर चोट पंहुचाओ। अभी तक सभी लोग चाहे वो कांग्रेस के बड़े नेता हो या दूसरी पार्टियों के नेता हो वो ऐसा करने पर कोई चूक नही करते हैं वो लोग सर्वकुख्यात हैं उनका नाम लेने की कोई जरूरत नही है। इसी कड़ी में एक नया नाम जुड़ गया है वो है फ़िल्म अभिनेता कमल हासन जो सियासी नाव पर सवार होने की तैयारी में हैं। इन्होंने कहा है कि “हिन्दू आतंकवाद अब वास्तिवकता बन चुका है और हिन्दू संगठन अपने अंदर इस अतिवाद की मौजूदगी से इनकार नही कर सकते हैं।” इससे एक कदम और आगे बढ़कर एक्टर प्रोड्यूसर प्रकाशराज ने ट्वीट के माध्यम से कहा है कि ” धर्म , संस्क्रति और नैतिकता के नाम पर डर पैदा करना आतंकित करना नही है तो और क्या है?” सत्तारूढ़ बीजेपी भी भगवा आतंकवाद पर कड़ी आपत्ति जताती रही है और इस शब्द का इस्तेमाल पिछली कांग्रेस – नीत सरकार ने करना शुरू किया था। किसी भी अपराध को मजहबी पहचान देना गलत है। आतंकवादी आतंकवादी होता है चाहे वो किसी भी मजहब या धर्म को मानने वाला हो। वो सिर्फ आतंकवादी होता है। उसको किसी धर्म से जोड़ना उस धर्म का अपमान करना होता है। समझौता एक्सप्रेस बम्बकाण्ड के बाद भी झूठ का सहारा लेकर हिन्दू आतंकवाद का जुमला रोपा गया और पाकिस्तानी आतंकवादियों को नजरअंदाज किया गया था। अब समय आ गया है कि ऐसे लोग जो साधारण जनता को भ्रमित करते हैं और आपस मे वैमनस्य बढ़वाते हैं। उनको एक सिरे से नकारना होगा। इनको इनकी दाल गलने से रोकना होगा। अन्यथा इसके परिणाम बहुत घातक हो सकते हैं।

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