डॉक्टर्स की स्ट्राइक पर रात 12 बजे फिर टूटी वार्ता, अब रेस्मा में होगी गिरफ्तारी

पाली, राजस्थान/महेन्द्र कुमारः  सामूहिक अवकाश पर गए सेवारत चिकित्सकों और राज्य सरकार के बीच गतिरोध टूटने का नाम नहीं ले रहा। आंदोलन अब सियासी रंग लेता जा रहा है। चिकित्सा मंत्री द्वारा 33 में से ग्रेड पे 10 हजार रुपए करने को छोड़कर  सभी मांगें मान लेने के बावजूद  वार्ता देर रात फिर टूट गई। मेडिकल सेक्रेट्री आनंद कुमार और एसीएस (वित्त) डीबी गुप्ता पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए डॉक्टर गुरुवार रात 12 बजे वार्ता छोड़ निकल गए। वार्ता टूटने के बाद अब डॉक्टरों की रेस्मा में गिरफ्तारी होगी। पुलिस ने डॉक्टर नेताओं के घर में दबिश की तैयारी कर ली है। इससे पहले रात 11 बजे रेजीडेंट्स भी सचिवालय पहुंच गए और उनको वार्ता में शामिल करते हुए सेवारत डॉक्टर प्रतिनिधि उनकी मांगें भी मानने के लिए अड़ गए। – सेवारत चिकित्सक संघ के अध्यक्ष डाॅ. अजय चौधरी ने नया मुद्दा रखते हुए कहा कि हमारे साथ ही रेजीडंेट्स की मांगें भी सरकार को माननी पड़ेंगी। इस नए प्रस्ताव से माहौल गड़बड़ा गया। हैल्थ सेक्रेट्री का तर्क था कि डॉक्टरों की लगभग सभी मांगें मान ली गई हैं।  रेजीडेंट‌्स की मांगों के लिए अलग से बैठक करेंगे। वित्त एसीएस डी बी गुप्ता, सेक्रेट्री हैल्थ आनंद कुमार ने कहा कि डॉक्टर तय करके आए हैं कि वे नई से नई मांगें रखते जाएंगे ताकि वार्ता सफल न हो सके।  इस बीच माहौल फिर गरमा गया। तीसरी वार्ता विफल होने के बाद अब रेस्मा में चिकित्सक संघ के नेताओं और ड्यूटी ज्वाइन नहीं करने वाले डॉक्टरों पर रेस्मा के तहत गिरफ्तारी होंगी। डॉक्टरों से पहली वार्ता में 6 मांगों का सहमति-पत्र तैयार हुआ था। दूसरी वार्ता में 18 मांगों का सहमति-पत्र तैयार हुआ, गुरुवार को वे 33 मांगों को लेकर पहुंचे। सरकार की ओर से आनंद कुमार ने कहा कि लगभग सभी मांगें मान लीं फिर भी डॉक्टर अड़ गए।

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