कुपोषित बच्चों की संख्या के मामले में भारत विश्व में अव्वल

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः कुपोषित बच्चों की संख्या के मामले में भारत विश्व में अव्वल है। एसोचैम व ईवाई के संयुक्त अध्ययन में सामने आया है कि विश्व के कुल कुपोषित बच्चों की संख्या का पचास फीसद केवल भारत में है। रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि इससे उबरना है तो नीतियां बनाकर सामाजिक भेदभाव को कम करना होगा। सरकार को यह भी देखना होगा कि स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं भी सभी को एक समान रूप से मिलें। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2005-15 के दौरान शिशु व पांच साल से नीचे के बच्चों की मृत्यु दर में कमी देखने को मिली है, लेकिन कुपोषण भारत की तस्वीर को भयावह करके दिखा रहा है। 2015 के आखिर तक भारत के 40 फीसद बच्चे कुपोषित थे, जबकि शहरों में अधिपोषण की समस्या है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट का हवाला देकर बताया गया है कि मधुमेह के रोगियों के मामले में भारत को विश्व की राजधानी माना जा सकता है। यहां छह करोड़ 92 लाख मरीज इस रोग के हैं। रिपोर्ट कहती है कि खानपान की आदतों की वजह से कुपोषण व अधिपोषण की समस्या सामने आ रही है।

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