गोंडा स्वामीनारायण छपिया महोत्सव में पधारें

गोंड़ा, उत्तर प्रदेश/श्याम बाबूः छपिया महोत्सव में मुख्य अतिथि के रुप में पधारे उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री एवं गोंडा के प्रभारी मंत्री ने कहा छपिया भगवान घनश्याम की जन्मस्थली नहीं यह गौरव की बात है कि भगवान स्वामीनारायण के अनुयाई देश में ही नहीं विदेशों में भी इनके चरित्र का गुणगान करते हैं हमारी सरकार देश व प्रदेश के विकास के साथ-साथ धार्मिक स्थलों के विकास के लिए भी कटिबद्ध है। आज 31अक्टूबर से चलकर 4नवंबर तक चलने वाले इस महोत्सव में प्रदेश सरकार के मंत्री उपेंद्र तिवारी गोंडा के प्रभारी मंत्री के द्वारा भगवान घनश्याम के पावन जन्म स्थली छपिया में चलने वाले पांच दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ करते हुए कहा, कि देश का विकास के लिए मोदी जी लगे हुए हैं वहीं प्रदेश के विकास के लिए हमारे यशस्वी मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं हमारी सरकार गुजरात का मॉडल लेकर चल रही है ।जिस तरीके से गुजरात का विकास हुआ है उसी तरीके से प्रदेश के विकास के लिए हमारी सरकार दृढ़ संकल्प है ऐसे में भगवान घनश्याम के जन्मस्थली स्वामीनारायण छपिया के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा जाएगा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि गोंडा के प्रभारी मंत्री का स्वागत करते हुए  स्वामीनारायण छपिया मंदिर के महंत स्वामी वासुदेवानंद जी ने अंगवस्त्र पुष्पमाला व भगवान घनश्याम का चित्र भेंट किया। महोत्सव में बोलते हुए क्षेत्रीय सांसद भाजपा कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया ने कहां की भगवान घनश्याम के नाते छपिया का नाम गुजरात में ही नहीं पूरे देश अपितु विदेशों में भी लिया जाता है इसके लिए हम लोग काफी आभारी हैं हमारी विनती यही है कि भगवान घनश्याम महाराज की कृपा हमारे क्षेत्र में बनी रहे गोंडा देश में काफी पिछड़ा है और यहां के लोग काफी गरीब है इसलिए भगवान स्वामीनारायण की कृपा से हर कार्य कल्याणकारी होता है। क्षेत्रीय विधायक गौरा प्रभात वर्मा ने  गुजरात सहित देश विदेश से भगवान स्वामीनारायण के भक्तों का स्वागत करते हुए कहा कि छपिया धाम में आए सभी हरि भक्तों का क्षेत्र की जनता की तरफ से स्वागत एवं अभिनंदन वंदन करते हैं इस महोत्सव में किसी भी प्रकार की व्यवस्था से संबंधित हरि भक्तों की समस्या के लिए क्षेत्र की जनता की तरफ से हर समय हम तत्पर रहेंगे। इस अवसर पर मेहनौन विधायक विनय कुमार द्विवेदी कमलेश पांडे सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।भगवान स्वामीनारायण की पावन जन्म स्थली स्वामीनारायण छपिया की छटा आज काफी शोभायमान हो रही थी जैसे भगवान घनश्याम  एक बार फिर धरती पर पधारे हैं। भगवान घनश्याम के बारे में बताया जाता है कि एक,  युग परिवर्तन के पश्चात कलयुग का प्रभाव जब चारों ओर फैलने लगा धार्मिक और नैतिक लोगों का जीवन जीना कठिन एवं कष्टदायक हो गया धर्म के नाम पर ढोंग पाखंड कुरिवाज अपने चरम पर पहुंच गए तब आज से 237 वर्ष पूर्व भगवान नर नारायण देव दुर्वासा ऋषि के श्राप को अंगीकार करके माता भक्ति देवी की इच्छा पुरुष बालस्वरूप धारण किया बाल्यकाल इनका नाम हरिकृष्ण एवं घनश्याम रखा गया। बाल स्वरूप प्रभु श्री घनश्याम का जन्म वि0सं01837 चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी को रात 10:10 बजे हुआ था। घनश्याम महाराज श्री ने छपिया  से 11 वर्ष की आयु में तीर्थाटन हेतु गृह त्याग कर उत्तर दक्षिण पूर्व एवं पश्चिम दिशाओं में स्थित सभी तीर्थों का पैदल यात्रा द्वारा दर्शन करते हुए गुजरात द्वारिकापुरी के निकट लोज गांव में गुरु स्वामी रामानंद से भेंट किया। उन्होंने गुरु रामानंद स्वामी से भागवत दीक्षा लिया और गुरुदेव के देहोउत्सर्ग के बाद संप्रदाय के उत्तराधिकारी बने। उत्तराधिकारी कार्यकाल में भगवान श्री स्वामीनारायण के नाम लेकर श्रीमद् भागवत गीता में वर्णित भागवत धर्म अहिंसा धर्म एवं एकांतिक धर्म के अंतर्गत मानव धर्म का प्रचार प्रसार किया। उसी समय उन्होंने समाज में परंपरागत रुप से व्याप्त अंधश्रद्धा को कुरिवाजों तथा सती प्रथा भ्रूण हत्या को रोकने बेटी की रक्षा करने व्यवसन कार्य से मुक्त समाज की स्थापना करने जैसे अनेको सामाजिक सुधार के कार्य किया जिसके फलस्वरुप 18 वीं सदी में वे देश के पश्चिम भाग में हम समाज सेवक के रूप में प्रसिद्ध हुए। आध्यात्मिक क्षेत्र में उन्होंने धार्मिक विधियों में हिंसा एव जीव हिंसा को बंद करा कर एकेश्वरवाद सर्वधर्म समभाव की पुनर्स्थापना किया तथा सालिक अहिंसक विधि से पूजा एवं यज्ञ आदि करने की लुप्त हो चुकी वैदिक परंपरा को जीवित किया। भगवान श्री स्वामीनारायण द्वारा संप्रदाय में स्थापित आचार्य परंपरा आज भी कायम है। वर्तमान समय में स्वामीनारायण संप्रदाय द्वारा अनेक विविध धार्मिक सामाजिक एवं शैक्षणिक क्रियाकलाप का संचालन भारत एवं विश्व के 25 देशों में किया जा रहा है। देश विदेश में बच्चों में युवाओं एवं महिलाओं का संस्कार परक शिक्षा आयोजन शिव एवं प्रशिक्षण केंद्र द्वारा दिया जाता है।लाखों युवा संप्रदाय की प्रवृति एवं परंपरा में  श्रद्धा रखते हैं। संप्रदाय द्वारा संचालित स्कूल कालेज एवं संस्कार केंद्रों की कुल 12000 शाखाएं हैं जिनका प्रबंधन एवं कुशल संचालन भगवान श्री स्वामीनारायण के सातवे वंशज प.पू. ध. धु. आचार्य कौशलेंद्र प्रसाद महाराज जी के नेतृत्व में हो रहा है जिसमें 1200सौ साधु संत एवं 50000 युवाओं का दल निशुल्क सेवा कर रहा है। जन्म स्थान भवन निर्माण कार्य पूर्ण होने के पश्चात महोत्सव का आयोजन किया गया है इस नूतन भव्य चार मंजिला भवन के उद्घाटन महोत्सव चल रहा है जिसको को लेकर धर्मारण्य नगर का निर्माण किया गया है यह नगर 75 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। महोत्सव में संचालित होने वाले सभी कार्यक्रमों का लाइव प्रसारण की व्यवस्था की गई है हरिभक्तों एवं श्रद्धालुओं के पूर्ण सुविधा  सुरक्षा से आच्छादित है।
महोत्सव में 5000 विदेशी एवं गुजरातियों सहित हजारों की संख्या में हर भक्त इस महोत्सव में पहुंच चुके हैं। महोत्सव परिसर में बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले यादि की व्यवस्था की गई। इस महोत्सव के मुख्य यजमान लक्ष्मण भाई राघवानी अफ्रीका प्रेम जी भाई केसर भाई लंदन बालाजी भाई लक्ष्मण भाई यू के रमेश भाई लंदन प्रवीण भाई रामदास पटेल अमेरिका है।

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