गर्लफ्रेंड से बात युवक को पड़ी भारी

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः महरौली में एक किशोर की उसके ही तीन दोस्तों ने अपहरण कर हत्या कर दी। मृतक जयदीप गोयल उर्फ जतिन (17) की हत्या के आरोप में आकाश चौधरी उर्फ आशू (23) व नवीन सिंह (20) व एक नाबालिग आरोपी (17) को गिरफ्तार किया है। दक्षिणी दिल्ली जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त चिन्मय बिस्वाल ने बताया कि पुलिस को शनिवार रात साढ़े 10 बजे छतरपुर एंक्लेव निवासी एक बिजनेसमैन के बेटे के अपहरण व फोन कर 20 लाख रुपये की फिरौती मांगने की सूचना मिली थी। जयदीप महरौली के सरस्वती बाल मंदिर में 11वीं में पढ़ता था। शनिवार शाम सात बजे अपनी स्कूटी से शनिधाम मंदिर गया था। रात नौ बजे तक वापस न आने पर घरवालों ने उसकी तलाश शुरू की। कई दोस्तों के साथ ही जयदीप के मोबाइल पर भी कॉल कर रहे थे। रात 10 बजे एक बार जयदीप का फोन रिसीव होकर तुरंत कट गया। फिर उसी नंबर से कॉलबैक आया। कॉलर ने बताया कि उसने जयदीप का अपहरण कर लिया है और छोड़ने के बदले में 20 लाख रुपये फिरौती मांगी।चिन्मय बिस्वाल ने बताया कि एसीपी महरौली आरएस पठानिया की देखरेख व एसएचओ इंस्पेक्टर अतुल कुमार के नेतृत्व में, इंस्पेक्टर मदनलाल, एसआइ अनुराग, हेड कांस्टेबल अशोक, बलदेव राज, कांस्टेबल कमलदीप, राहुल व नरेंद्र समेत छह टीमें बनाई गई। मोबाइल की लोकेशन के आधार पर टीम ने इलाके में तमाम सीसीटीवी फुटेज खंगाले। एक फुटेज में तीन लड़के कपड़े से चेहरा ढककर बुलेट से जाते दिखे। शक होने पर पुलिस ने जयदीप के दोस्तों से संपर्क किया। एक दोस्त ने बताया कि यह बाइक जयदीप के दोस्त छतरपुर पहाड़ी निवासी आकाश चौधरी उर्फ आशू की है। पुलिस आशू के घर पहुंची तो न वह घर पर मिला न उसकी बाइक। पुलिस ने सर्विलांस के जरिये उसे खोज निकाला। फुटेज में आशू की बाइक पर पीछे ‘जाट’ लिखा हुआ स्टीकर लगा दिखा था लेकिन पहचान छिपाने के लिए स्टीकर फाड़ दिया गया था। पुलिस को आशू की जींस से यह स्टीकर मिल गया। अब तो उस पर शक और गहरा गया। सख्ती से पूछताछ करने पर आशू ने अपहरण व हत्या की बात कुबूल कर ली। उसने बताया कि छतरपुर पहाड़ी निवासी अपने दोस्त नवीन सिंह (20) व एक 17 वर्षीय नाबालिग दोस्त के साथ मिलकर उसने जयदीप की हत्या कर दी है। पुलिस ने इन दोनों को भी दबोच लिया। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने छतरपुर के एक प्लॉट से जयदीप का शव व पास में ही उसकी स्कूटी भी बरामद कर ली। सबक सिखाने के लिए कुछ दिन से नवीन जयदीप का पीछा कर रहा था। उसे पता चला कि जयदीप रोजाना शनिधाम मंदिर जाता है। शनिवार को तीनों आरोपी उसे मंदिर के पास मिले और उसे समोसा खिलाने पास की दुकान पर ले गए। फिर वे उसे जरूरी बात करने के बहाने मित्तल फार्म ले गए। दो लड़के जयदीप की स्कूटी पर व दो लड़के बाइक से चल रहे थे। फार्म पर ले जाकर तीनों ने गमछे से गला घोंटकर जयदीप की हत्या कर दी। फिर पुलिस व परिजनों को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने आवाज बदलकर परिजनों को फिरौती के लिए कॉल किया। यह आइडिया तीनों ने क्राइम पेट्रोल शो देखकर लिया था। जयदीप की तलाश में नवीन उसके परिजनों के साथ हमदर्द बनकर रहा ताकि किसी को शक न हो। वह जयदीप को खोजने के लिए उसकी बहन को भी अपने साथ अकेले ले जाना चाहता था, लेकिन बहन उसके साथ नहीं गई। मुख्य आरोपी नवीन सिंह पिछले साल तक सरस्वती बाल मंदिर में ही पढ़ता था। वहां से पासआउट होकर नवीन अब आर्यभट्ट में पढ़ता है लेकिन उसकी गर्लफ्रेंड अब भी सरस्वती बाल मंदिर में ही 11वीं में पढ़ती है। उसने कुछ माह पहले नवीन को बताया था कि जयदीप उससे दोस्ती करना चाहता है। इस बात से नवीन आगबबूला हो गया। उसने पहले भी जयदीप को धमकी दी थी कि वह उसकी दोस्त से नजदीकियां न बढ़ाए।

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