गोंडा स्वामीनारायण छपिया सप्त कोशी परिक्रमा से शुरु हुआ छपिया महोत्सव का आगाज

गोंड़ा, उत्तर प्रदेश/श्याम बाबूः भगवान स्वामीनारायण छपिया मे चलने वाले महोत्सव मे भक्तों ने आज भगवान घनश्याम महाराज के जन्म स्थान छपैया धाम से परिक्रमा शुरू कर महोत्सव कीआगाज महोत्सव 31 अक्टूबर से चलकर 5 नवंबर को समाप्त होगा इस महोत्सव में देश-विदेश सहित लाखों श्रद्धालु पहुंचने की बात कही जा रही है। महंत ब्रह्मचारी वासुदेवालनंद जी महराज व ब्रह्मचारी स्वामी हरिस्वरूपा नंद महाराज ने बताया कि पांच दिवसीय महोत्सव में अनेक धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। छपैयाधीश बाल स्वरूप घनश्याम महराज की असीम अनुकम्पा से छपिया धाम जन्म स्थान उद्घाटन महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। नर नारायण देव पीठाधिपति आचार्य कौशलेन्द्र प्रसाद महाराज, आचार्य मोटा महाराज, भावी आचार्य लालजी महाराज के सान्निध्य में कार्यक्रम सम्पन्न होगा। मंदिर के निकट नरैचा गांव में दो सौ से अधिक बीघा जमीन पर धर्मारण्य स्थल का निर्माण किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ 29 अक्टूबर को सप्तकोसी परिक्रमा से शुरू हो गया। यह परिक्रमा सुबह साढ़े आठ बजे से छपिया धाम से शुरू की गई। मंदिर के महंत स्वामी वासुदेवानंद व हरिस्वरूपा नंद के अनुसार, 30 अक्टूबर को प्रातः चार बजे से पोथी यात्रा निकाली जाएगी। जो मंदिर से निकलकर धर्मारण्य नगर स्थल पर समाप्त होगी। 31 अक्टूबर को वेदपाठ तथा रामचरित मानस पाठ का शुभारंभ होगा। इसी दिन श्री घनश्याम जन्मोत्सव आरती व रात्रि में तुलसी विवाह का कार्यक्रम होगा। एक नवंबर को प्रवचन माला, सम्मान व देह शुद्धि कार्यक्रम के साथ ही रात्रि में नारायण सरोवर की समूह आरती होगी। दो नवंबर को यजमान सम्मान, नगर यात्रा, श्री घनश्याम यज्ञोपवीत संस्कार उत्सव व रात में रास गरबा कार्यक्रम होगा। तीन नवंबर को अभिषेक जलयात्रा, जन्मस्थान मंदिर उद्घाटन समारोह, समूह आरती होगी। चार नवंबर को मुख्य मंदिर के ठाकुरजी की आरती, छप्पनभोग अन्नकूट दर्शन, कथा परायण की पूर्णाहुति, महाप्रसाद वितरण आदि कार्यक्रम होंगे। छपिया में धर्मदेव व भक्ति देवी के यहां वर्ष 1781 में 2 अप्रैल को भगवान घनश्याम महाराज का जन्म हुआ। तीन साल की उम्र में उनका मुंडन संस्कार कराया गया। बाद में माता-पिता उन्हें लेकर अयोध्या चले गए। उन्होंने वहीं अपने पिता से वेद शास्त्र, पुराण तथा अन्य धर्म ग्रंथों का अध्ययन किया। माता-पिता की मृत्यु के बाद उन्होंने 11 साल की उम्र में ही घर छोड़ दिया। बाद में वह हिमालय, कन्याकुमारी सहित अन्य स्थलों का भ्रमण करते हुए गुजरात पहुंचे। यहां पर रहकर उन्होंने लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया। बाद में उन्होंने स्वामी नारायण संप्रदाय का प्रचार किया। महोत्सव में सबके भगवान् घनश्याम एल्बम की शूटिंग गत 16 अक्टूबर से शुरू हो गई है। इस एल्बम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंपा जाएगा। गुजरात से जुड़ा होने के कारण छपिया मंदिर का विशेष महत्व है। भगवान् घनश्याम महाराज की जन्म स्थली स्वामिनारायण मंदिर में बाल स्वरूप घनश्याम महराज के जीवन वृतांत पर आधारित वृत्तचित्र व एल्बम की शूटिंग मंदिर में शुरू हुयी। लोक गायक फिल्म अभिनेता शेन दत्त सिंह शान ने  भगवान घनश्याम महराज जी के भजनों की शूटिंग की। उन्होंने नौ गीतों का ‘जय घनश्याम महराज‘ एल्बम व वृत्तचित्र का अभिनय के माध्यम से चित्रण किया। शेन ने बताया कि ‘मन बोले जय घनश्याम‘।  घनश्याम द्वारे संसार आयो रे छपिया महोत्सव बहार लायो रे।। मेरे प्रभु घनश्याम लला की लीला बहुत है प्यारी प्यारी‘ और गंगा अवतरण, राक्षस काली दत्त बध, भूतों से लोगों को मुक्त कराना, आदि बाल लीलाओं का सफल अभिनय किया। मुम्बई से आये निर्देशक एसके सिंह ने बताया कि भगवान के सभी लीलाओं का डेढ़ घंटे की लघु फिल्म बनाया जा रहा है। भगवान द्वारा आम जनमानस को दिये गये संदेश व अद्भुत लीला का वर्णन फिल्म के माध्यम से चित्रित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसकी शूटिंग छपिया के माटी के लाल शेनदत्त  गायक व अभिनेता के रूप में अभिनय कर रहे हैं। प्रियंका त्रिपाठी, पायल, समीर, शिवम, अंकित, संदीप आदि कलाकार शूटिंग में शामिल हैं। महोत्सव में देश विदेेेश के कई लाख लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। महोत्सव में सुरक्षा व्यवस्था के लिए मजिस्ट्रेट, सीओ, निरीक्षक, दरोगा, और छह थाना प्रभारी, कांस्टेबिल, महिला सिपाही व एक कंपनी पीएसी लगाई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने भी स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की है। इन्हें प्राथमिक उपचार की सुविधा से लैस किया गया है। मुख्य पंडाल, मंच, रसोई कैम्प, वीआईपी काटेज, महिला संत व पुरुष संतों के ठहरने का स्थान, प्रमुख प्रवेश द्वार व हेलीपैड स्थल बन रहा है। मंदिर के सामने स्थित नारायण सरोवर में नावों की व्यवस्था की गयी है। महोत्सव के दौरान पूरा परिसर सीसीटीवी कैमरे की नजर में होगा। सुरक्षा व्यवस्था की किले बंदी का ब्लू प्रिन्ट जिले के उच्चाधिकारियों ने तैयार कर लिया है। पूरे परिसर में चप्पे-चप्पे पर महिला व पुरुष आरक्षियों का कड़ा पहरा होगा। जिला अधिकारी जेबी सिंह व पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार सिंह ने महोत्सव परिक्षेत्र का सघन स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को सख्त निर्देश दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।

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