पिता ने एक-एक कर तीन बेटियों को चलती ट्रेन से फेंका

मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश/नगर संवाददाताः जनसेवा एक्सप्रेस 15210 से सीतापुर स्टेशन के पास तीन बच्चियों को फेंक दिया गया। आरपीएफ सीतापुर के जवान ने इसे देखा तो जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जिसमें एक बच्ची की मौत हो गई। जबकि दो का इलाज चल रहा है। जो बच्चियां घायल हैं उनकी उम्र छह और तीन साल है। जिसकी मौत हो गई वह आठ साल की थी। ये बिहार के मोतिहारी जिले की रहने वाली हैं और इनके माता पिता पंजाब में कहीं मजदूरी करते हैं। बच्चियों ने आरपीएफ और सिविल पुलिस को बताया कि वे पांच बहने हैं। ट्रेन से हम तीनों को पिता ने फेंका है। उल्लेखनीय है कि आज सुबह लगभग साढ़े आठ बजे अमृतसर से बिहार के सहरसा जा रही ट्रेन नम्बर 152101 अमृतसर-सहरसा एक्सप्रेस ट्रेन के गुजरने के बाद रामकोट थानाक्षेत्र के गौरा और भवानीपुर गांवों के बीच एक ग्रामीण ने दो बच्चियों को रेल पटरी के किनारे बेहोशी की हालत में पड़ा देखा। ग्रामीण ने यूपी डायल 100 के साथ 108 एम्बुलेंस को इसकी सूचना दी। ग्रामीण एम्बुलेंस से घायल बच्चियों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा जहां दोनों का उपचार चल रहा है। अस्पताल में होश आने पर हादसे का शिकार हुई आठ साल की अल्बुन खातून ने बताया कि बिहार प्रांत के मोतिहारी जिले के गांव छोड़िया निवासी अपने पिता इद्दू व मां अबलीना खातून के साथ ट्रेन से जा रही थी। सुबह के समय उसकी मां गहरी नींद में सो गई। इसी दौरान उसके पिता उसे व उसकी छह वर्षीय बहन सलीना खातून को गेट के पास लेकर पहुंचे और पहले उसे और बाद में उसकी छोटी बहन को धक्का देकर नीचे फेंक दिया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि बच्ची के बयानों के आधार पर बिहार पुलिस से सम्पर्क साधा जा रहा है। चलती ट्रेन से नीचे गिरने से दोनों मासूम बेहोश हो गई और घंटों ट्रैक पर पड़ी रहीं।जब स्थानीय लोग वहां से गुजरे और उनकी नजर उन पर पड़ी तो उन्होंने फौरन पुलिस को सूचना दी। वारदात के बाद से दोनों बच्चियां डरी-सहमी हैं। दोनों गंभीर रूप से घायल हैं जिनका इलाज जिला अस्पताल में किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले में जांच में जुटी है और परिवार से संपर्क साधने में लगी हुई है। देर शाम एक बच्ची ने दम तोड़ दिया।

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