देश के हर जिले में एक आयुर्वेद अस्‍पताल होना चाहिए और आयुष मंत्रालय इस दिशा में काम कर रहा: पीएम

मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश/महबूब आलमः प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि देश के हर जिले में एक आयुर्वेद अस्‍पताल होना चाहिए और आयुष मंत्रालय इस दिशा में काम कर रहा है। आयुर्वेद के विस्‍तार के लिए ये आवश्‍यक है कि देश के हर जिले में आयुर्वेद से जुड़ा एक अच्‍छा अच्‍छी सुविधाओं से युक्‍त अस्‍पताल जरूर हो। इस दिशा में आयुष मंत्रालय तेजी से काम कर रहा है और तीन वर्ष में ही 65 से ज्‍यादा आयुष अस्‍पताल विकसित किए जा चुके हैं। दूसरे आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आज नई दिल्‍ली के सरिता विहार में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्‍थान का उदघाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संस्‍थान आयुर्वेद को मजबूती देगा। श्री मोदी ने कहा कि कुछ वर्ष पहले सूचना प्रौद्योगिकी में आई क्रांति की तरह ही आयुर्वेद के तहत स्‍वास्‍थ्‍य क्रांति लाने का समय आ गया है। उन्‍होंने कहा कि विश्‍व समग्र चिकित्‍सा प्रणाली की खोज में है। योग तथा आयुर्वेद मिलकर इसका समाधान उपलब्‍ध करा सकते हैं। आज दुनिया होलेस्टिक हेल्‍थकेयर का रास्‍ता खोज रही है। लेकिन उसे रास्‍ता नहीं मिल रहा। वो बहुत उम्‍मीद से भारत और भारत के आयुर्वेद की तरफ भारत की यौगिक शक्ति की ओर बड़ी आशा भरी नजर से देख रही है। उसे भी भरोसा हो रहा है कि योग और आयुर्वेद में भारत का अनुभव पूरे विश्‍व के कल्‍याण में काम में आ सकता है। और इसलिए हमारे लिए भी यह महत्‍वपूर्ण समय है संकल्‍प लेकर आगे बढ़ा जाए उसे सिद्ध किया जाए। पीएम मोदी ने कहा कि संपूर्ण विश्‍व के लोग प्रकृति की ओर लौट रहे हैं और ऐसे समय में आयुर्वेद के लिए अनुकूल वातावरण को विकसित करना मुश्किल नहीं होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद विशेषज्ञों को ऐसी औषधियों का पता लगाने की जरूरत है, जो मरीज को तुरंत राहत दे और इसके कोई दुष्‍प्रभाव न हों। प्रीवेटिव हेल्‍थकेयर को बढावा देने के साथ ही सरकार स्‍वास्‍थ्‍य सेवा में एर्फोडेबिलिटि और एक्‍सेस बढ़ाने के लिए शुरू से ही होलेस्टिक अपरोच लेकर चल रही है। मेडिकल कॉलेजों में डॉक्‍टरी पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए पीजी मेडिकल सीट में वृद्धि की गई है और इसका सीधा लाभ हमारे युवाओं को तो मिलेगा ही साथ साथ गरीबों के इलाज के लिए भी डॉक्‍टर भी आसानी से उपलब्‍ध होंगे। पीएम मोदी ने निजी क्षेत्रों से आग्रह किया कि वे आयुर्वेद को मजबूत बनाने के लिए सामाजिक जिम्‍मेदारी को निभाने के अपने कोष का इस्‍तेमाल करें। उन्‍होंने कहा कि सरकार ने स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल के क्षेत्र में सौ प्रतिशत प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि निवेशकों को योग और आयुर्वेद के लिए आगे आना चाहिए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने पुणे के रामामनी अय्यंगर स्‍मारक योग संस्‍थान को योग पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया। प्रधानमंत्री ने आयुष मंत्रालय के आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार के मानक दिशा-निर्देश भी जारी किए। इस योजना के पहले चरण पर एक सौ 57 करोड़ रुपये का खर्च आया है। हमारे संवाददाता ने बताया है कि इसका परिसर दस एकड़ से ज्‍यादा जमीन में फैला हुआ है और इसमें अस्‍पताल के साथ-साथ आयुर्वेद की पढ़ाई की भी व्‍यवस्‍था है। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्‍थान की स्‍थापना एम्‍स की तर्ज पर की गई है। 200 बिस्‍तरों वाले इस अस्‍पताल में मधुमेह, स्‍नायु रोग और एलर्जी के इलाज के साथ ही योग, पंचकर्म आदि से इलाज की व्‍यवस्‍था भी है। एक शीर्ष संस्‍थान के रूप में स्‍थापित यह संस्‍थान आयुर्वेद के पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक नैदानिक उपकरणों और प्रौदयोगिकी के बीच सामंजस्‍य सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा अस्‍पताल में पैथोलोजी, जैव रसायन, सूक्ष्‍म जीव विज्ञान और रेडियोलोजी की सुविधाएं भी उपलब्‍ध है।

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