मरीजों के साथ बढ़ता दुर्रव्यवहार

मुंबई, महाराष्ट्र/नजीर मुलाणीः कल्याण डोंबिवली मनपा के बाई रूक्मिणी बाई रुग्णालय मे मरीजों से दुर्रव्यवहार बढ़ता जा रहा है। हालत यहाँ तक पहुंच गई है कि गर्भवती महिलाओं को मनपा द्वारा दी जानी वाली कैल्शियम की गोलियों मे मेटल के तार मिले हैं। महात्मा फुले पुलिस थाना मे शिकायत करने की जानकारी दी गई कल्याण पूर्व गणेश नगर निवासी विशाल वाघचौरे ने बताया कि उसकी गर्भवती पत्नी का 15 जुलाई महीने से रुक्मिणी बाई रुगणालय मे इलाज हो रहा है। उसे एक महीने की कैल्शियम की गोलियां दी गई  थीं। 9-09-2017 को गोलियों की खुराक मे मेटल तार मिले। मरीज ने इसकी जानकारी और शिकायत ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर- फार्मासिस्ट से की तो उसे ही झिड़क कर भगा दिया। यह हमारी दवा है ही नही कहा और जो करना है जहाँ जाना है जाओ कह कर भगा दिया। मनपा के अस्पताल के अधिकारी ने मरीज की जान से खिलवाड़ कर रहे है। कुछ लोग तो शिकायत कर कर के परेशान हो गये, इस लिए चुप रहने में ही अपनी भलाई समछते है। कल्याण डोम्बिवली में कितने बोगस डॉक्टर उनकी जानकारी आरोग्य विभाग के पास है। अगर कोई शिकायत करता है तो करवाई का अश्वासन दे कर भेज देते और जाने के बाद बोगस डॉक्टर को फोन करके बता देते ऐसा आरोप कई बार लगता रहा है। कल्याण पूर्व हाजी मलग रोड पे बोगस डॉक्टर भरत देवांगन की कई शिकायत आरोग्य विभाग के स्मिता रोड को लिखित रूप से  शिकायत देने के बाद करवाई नही हुई । इतना ही नही मुम्बई मेडिकल एसोसिएशन ने डॉक्टर भरत देवांगन बोगस घोषित किया। उसके ऊपर गुन्हा दाखिल करने के लिए अरोग्य विभाग को लेटर भेजा लेकिन करवाई ना करते हुए वहाँ पे दूसरे डॉक्टर को रख कर उसे बचा लिया गया सवाल ये उठना है क्या बोगस डॉक्टर पे करवाई करने से डरते है या मामला कुछ और ही है। अगर किसी भी डाक्टर की शिकायत अरोग्य विभाग के अधिकारों को मिली तो उसकी सूचना तुंरत बोगस डॉक्टर को दे दी जाती है। इस लिए खुले आम 60% और 40% पे बोगस डाक्टर काम कर रहे जिसकी जानकारी होते हुए भी उन डॉक्टर के ऊपर कोई करवाई नही हो रही है। रोड़े मैडम ज्यादातर मीटिंग में रहती है इसलिए ना तो फोन उठा पाती है ना ही किसी से मिल पाती है, अगर ज़्यादा फोन किया तो नंबर ब्लाक कर दे दिया जाता है। कल्याण डोम्बिवली महानगरपालिका के अधिकारियों को तो जरा सा भी डर नही है। ऐसा लगता है उनको ऊपर से आदेश दिया गया है किसी का फोन मत उठाओ कोई मिलने आये तो मीटिंग में है। अव ये कहना गलत नही होगा भगवान ही बचाये इन अधिकारियों से अपने ऊपर बैठे उच्च अधिकारों को भी नही डर रहे है। जबकि भजपा और शिवसेना की सत्ता है। कई आने वालों दिनों में आम जनता कॉग्रेस और एनसीपी को याद ना कर ले।

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