पर्सनल डायरी और पैसा छिपाने डेरा मुख्यालय गई थी हनीप्रीत

चंड़ीगढ़/नगर संवाददाताः डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की कथित बेटी हनीप्रीत पंचकूला हिंसा के तुरंत बाद डेरे में अपनी पर्सनल डायरी छिपाने के लिए गई थी। इस डायरी में डेरा और डेरे से जुड़े लोगों के बारे में कई राज दर्ज हैैं। हनीप्रीत ने करोड़ों रुपये की उस रकम को भी इधर से उधर कराया, जिसका कोई हिसाब-किताब नहीं है। पूछताछ के दौरान हनीप्रीत पुलिस को अपेक्षा के मुताबिक सहयोग नहीं कर रही, लेकिन पुलिस ने सख्त रवैया अपनाना शुरू किया तो अब वह धीरे-धीरे टूट रही है। हनीप्रीत ने शुरू में पूछताछ कर रही महिला पुलिस अधिकारियों को धमकाने की कोशिश भी की, मगर अब पुलिस को अपनी निजी डायरी के बारे में जानकारी देनी शुरू कर दी है। छह दिन के पुलिस रिमांड पर चल रही हनीप्रीत को मंगलवार को फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा। अभी तक उससे हुई पूछताछ का पूरा ब्योरा पेश करने के साथ ही हनीप्रीत की रिमांड अवधि बढ़ाने का आग्रह कोर्ट से किया जाएगा। पुलिस को अभी तक यह नहीं पता चल पाया कि हनीप्रीत की निजी डायरी कहां छिपाई गई है। हनीप्रीत डेरे में नंबर दो की हैसियत रखती है। डेरे के वित्तीय प्रबंधन की जिम्मेदारी भी उसके सुपुर्द थी। ज्यादातर चेक भी वही साइन करती थी। पुलिस द्वारा 14 सितंबर को डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय से बरामद की गई 65 कंप्यूटर हार्ड डिस्क से डाटा रिकवर करने की कोशिश में है। पुलिस को अब तक सिर्फ एक हार्ड डिस्क से 700 करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी मिली है। हनीप्रीत के पास डेरे के करीब 400 करोड़ रुपये के काले धन की जानकारी है। पुलिस यह जानना चाहती है कि हनीप्रीत ने डेरे से करोड़ों रुपये निकालकर दूसरी जगह कहां पर छिपाए हैैं। पुलिस की ज्यादातर दिलचस्पी डेरा से जुड़ी उन तमाम बैठकों की जानकारी हासिल करने में है जिसमें पंचकूला हिंसा का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया था। पुलिस रिमांड के दौरान लाकअप में हनीप्रीत को मात्र 30 रुपये की थाली में गुजारा करना पड़ रहा है। हनीप्रीत को बैठने के लिए एक पुरानी दरी दी गई है और बेहद सादा खाना परोसा जा रहा है। वह चाय नहीं पीती। अगर उसे चाय दी जाए तो एक घूंट लेकर उसे किनारे रख देती है।

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