सात दिवसीय विराट जांभाणी हरिकथा शोभायात्रा के साथ शुरू

सात दिवसीय विराट जांभाणी हरिकथा शोभायात्रा के साथ शुरू

बाड़मेर, राजस्थान/ भागीरथराम बिशनोई: बाड़मेर जिले के सेङवा तहसील में नवनिर्मित भगवान जंभेश्वर मंदिर एवं धर्मशाला लोकार्पण 12 अक्टूबर से पूर्व सात दिवसीय विराट जांभाणी हरिकथा का भव्य शुभारंभ विशाल शोभायात्रा के साथ शुरू हुआ। शोभायात्रा श्री गुरु जंभेश्वर मंदिर सेडवा से, प्रारंभ होकर आलीसरो की बस्ती सुथारों की बस्ती, गोलियों की ढाणी, खिचड़ की ढाणी, आदर्श सोनडी, गुरु जंभेश्वर मंदिर सोनडी पर पहुंची जहां भगवान जाम्भोजी के मंदिर में शोभा यात्रा का भव्य स्वागत एवं पुष्प वर्षा की गई श्री गुरु जंभेश्वर मंदिर सोनङी से शोभायात्रा रोहिल्ला पश्चिम, विश्वकर्मा मंदिर, शोभाला दर्शान, गुल्ले की बेरी, सदराम की बेरी, कुंदनपुरा होते हुए उपखंड मुख्यालय पर स्थित पंचायत समिति भवन के आगे पहुंची जहां शोभायात्रा कलश यात्रा में परिवर्तन हो गई कलश यात्रा में 51 बालिकाओं द्वारा कलंश के साथ में आचार्य डॉक्टर गोवर्धन राम शिक्षा शास्त्री का तिलक मोली माला से स्वागत एवं सत्कार किया गया। शोभा यात्रा पुनः श्री गुरु जंभेश्वर मंदिर सेड़वा के कथा स्थल पर पहुंची जहां व्यासपीठ पर बिश्नोई समाज के युवा विद्वान आचार्य डॉक्टर गोरधनराम शिक्षा शास्त्री ने कहा कि इस जीवन में अगर मोक्ष एवं सुख पाना है तो अपना नाता भगवान से जोड़ना होगा भगवान से नाता का नाता जुड़ गया उनका इस संसार में जन्म लेना ही सफल माना जाता है इस भवसागर में से पार होने के लिए भगवान जांभोजी ने केवल एक संध्या मंत्र का जाप करने के लिए कहा था संध्या का अर्थ होता है मिलन जब दिन रात आपस में मिलते हैं तो उनका मिलन परमपिता परमात्मा भगवान जाम्भोजी से होता है। उन्होंने कहा कि जीवन में अगर आगे बढ़ना है तो अपने गुरु को पहचानो भगवान जांभोजी ने 7 वर्ष तक मौन रहे जब उन्होंने अपने मुख से पहला शब्द उच्चारण किया तो गुरू चिन्हो गुरु चीहीन पुरोहित गुणधर्म बखानी अर्थात हे तिरोहित तुम परमात्मा की गुरु की पहचान कर जिसने गुरु की पहचान कर ले वह इस भवसागर से पार है गुरु के बिना जीवन में कोई रास्ता नहीं बता सकता। शोभायात्रा में हजारों की संख्या में मोटरसाइकिल गाड़ी एवं अन्य वाहन शामिल थे शोभायात्रा से उपखंड के निकटतम पूरा शेत्र भक्तिमय हो गया। व्यास पीठ पर आचार्य गोरधनराम शिक्षा शास्त्री ने उन्होंने कहा की शोभायात्रा से भक्ति का वातावरण तैयार होता है जब भक्ति का वातावरण का निर्माण होता है तो व्यक्ति के मन की वृत्तियां भी बदल जाती है।सोनङी के महंत स्वामी हरिदास महाराज,स्वामी सदानंद महाराज, स्वामी लालदास महाराज, स्वामी भगवान दास महाराज, स्वामी रामानंद महाराज, स्वामी परशुराम दास महाराज, स्वामी बुद्धि प्रकाश जी सहित कई संतो ने शोभायात्रा एवं कथा का श्रवण किया था इस कार्यक्रम का संचालन जंभेश्वर सेवा संस्थान सेड़वा के सचिव गंगाराम सियाग ने किया। कथा में बिश्नोई जंभेश्वर सेवा संस्थान सेडवा के अध्यक्ष बुधराम खिचड़, श्री गुरु जम्भेश्वर सेवक दल के अध्यक्ष अनन्तराम खिलेरी उपाध्यक्ष बाबूलाल बोला पूर्व जिला परिषद नारायण राम गोदारा ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी भारमल राम खिलेरी गंगाराम सियाक भजनलाल जांगू हरिराम माँजू भागीरथ राम खिलेरी रामकिशन खिलेरी पूर्व सरपंच सोनाराम खिलेरी पेमाराम माँजू हरिराम खिलेरी सुरताराम बोला लाखाराम थौरी मोहनलाल खिलेरी ओमप्रकाश बोला रामनारायण खीचड़ हीराराम माँजू रामजीवन गोदारा मोबताराम खिचङ गोरधनराम कुष्णकुमार मोहनलाल खिचङ अशोक बोला सहित कई स्वयं सेवकों ने बढ़-चढ़कर सेवाएं की।

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