बादलों के नेतृत्व ने अकाली दल को दे दी है गुंडा गैंग की पहचान : मन्ना

बादलों के नेतृत्व ने अकाली दल को दे दी है गुंडा गैंग की पहचान : मन्ना

अमृतसर, पंजाब/गुरप्रीत सिंहः पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव व प्रवक्ता मनदीप सिंह मन्ना ने कहा कि कुर्बानियों के प्रतीक अकाली दल को बादलों के नेतृत्व ने गुंडा गैंग में बदल कर रख दिया है। भारत के कानून में आज कोई भी ऐसी अपराधिक धारा नहीं रह गई जो किसी न किसी रूप में अकाली दल के किसी न किसी नेता के ऊपर फिट न बैठती हो। अकाली दल की कमांड जब से बादल परिवार के हाथ में आई है तब से अकाली दल की पहचान गुंडा गैंग के रूप में होनी शुरू हो गई है। जो थोड़ी कसर रह गई थी वे कसर अकाली दल के पूर्व मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह ने बलातकार की घटना को अंजाम देकर पूरी कर दी है। मन्ना सुच्चा सिंह लंगाह की ओर से किए गए बज्जर अपराध के संबंध में बोल रहे थे। मन्ना ने कहा कि बादल ग्रुप के नेताओं ने अकाली दल के ही नहीं बल्कि सिखों के इतिहास को भी कलंकित करके रख दिया है। जब से अकाली दल ने धर्म के ऊपर कब्जा करना शुरू कर दिया और गुरू घर की गोलक पर गलत नजर रखनी शुरू कर दी है तबी से अकाली दल समाजिक और राजनीतिक रूप में कलंकित होने लग पड़ा है। इस के लिए अकाली दल का मौजूदा नेतृत्व पूरी तरह जिम्मेवार हैँ, उन्होनें कहा कि आज ऐसा कोई भी अपराध नहीं है जो किसी न किसी अकाली दल के नेताओं के साथ न जुड़ रहा हो। नशा, गुंडा गर्दी, हत्या, भ्रष्टाचार, भूमि माफीया, घोटाले, नशा तस्करी, अपहरण, धमकियां आदि कोई भी ऐसा अपराध नहीं है जो किसी अकाली नेता ने पिछले दस वर्षों में अंजाम न दिया हो। अकाली दल बादल ने सिखों को अपराधियों की श्रेणी में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय श्रेणी में खड़ा कर दिया है जिस का जवाब अकाली दल बादल नेतृत्व को दुनिया भर के सिखों को देना ही होगा। मन्ना ने कहा कि किसी समय जब लोक कल्याण के लिए जिनते अधिक मोर्चों में कोई नेता हिस्सा लेता था उसे उतना ही बड़ा अकाली नेता कहा जाता है,  आज पहचान यह बना दी गई है जिस के ऊपर जितने अधिक अपराधिक आरोप लगते है उसे उतना ही बड़ा अकाली नेता कहा जाता है। उन्होंने कहा कि पंजाब की धार्मिक राजनीति में अकाली दल ने हस्तक्षेप करके कलंकित कर दिया है। अब समय की जरूरत पंजाब के मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को चाहिए। धर्म की राजनीति में फैला दी गई गंदगी को साफ करने के लिए कांग्रेस पार्टी को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनावों में खुलेआम सीधे रूप में हिस्सा लेना चाहिए।

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