विजयादशमी पर शोभायात्रा के साथ विश्व प्रसिद्ध मैसूर दशहरा महोत्सव का समापन

मैसूर, कर्नाटका/नरपतः विजयादशमी पर शोभायात्रा के साथ विश्व प्रसिद्ध मैसूर दशहरा महोत्सव का समापन हुआ l जंबो सवारी देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग उमड़े जंबो सवारी में राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक झांकियां को पेश किया गया l जंबो सवारी की भव्यता में विभिन्न शासकीय विभाग और संस्थानों की और से 40 झांकियां ने बढ़ोतरी की l उत्तर कन्नड़ का मिर्जा किला टाइगर रिजर्व श्रवणबेलगोला की प्रतिकृति विकास पथ पर कोडगु कोलार जिला की ओर से सुखी जमीन पर पानी के फुहार आदि झांकियां को पेश किया गया l इस दौरान महल परिसर में आयोजित परंपरागत कुश्ती करतब कलाकारों ने दिखाये l पूर्व शाही परिवार की ओर से महल परिसर में आयोजित दस दिवसीय शारदीय नवरात्रि का समापन विजयदशमी पर शोभायात्रा के साथ हो गई परंपराओं के मुताबिक परिवार के उत्तराधिकारी युदवीर श्रीकंठ दत्ता चामराजा वाड़ीयार ने महल परिसर में स्थित भुवनेश्वरी मंदिर में शंमी वृक्ष की पूजा की और उसके बाद रजत रथ में सवार होकर महल की परिक्रमा की l उसके बाद महल परिसर में आयोजित दशहरा महोत्सव का समापन हो गया l इस दौरान परंपराओं के मुताबिक यदुवीर परिवार की तलवार भी थामे रहे l महल परिसर में नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान यदुवीर का निजी दरबार भी लगा l मैसूर दशहरा महोत्सव का इतिहास 400 साल से ज्यादा पुराना है l कहां जाता है कि विजय नगर साम्राज्य के शासकों ने दशहरा महोत्सव की परंपरा शुरु की थी l

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