हिंसा की अंधी गलियों में, एक प्रेम का दीप जलाओ : साध्वी कंचनकुमारी

हिसार, हरियाणा/राजेंद्र अग्रवालः अणुव्रत समिति की ओर से जारी अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अंतिम दिन सोमवार को तेरापंथ भवन में अहिंसा दिवस मनाया गया। महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में साध्वी श्री कंचनकुमारी जी ने अहिंसा को अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल ने की, वहीं मंच संचालन मंत्री सतपाल शर्मा ने किया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ अणुव्रत मंगलाचार गीत के साथ विनोद जैन ने किया। साध्वी श्री कंचनकुमारी ने कहा कि  ‘हिंसा की अंधी गलियों में, एक प्रेम का दीप जलाओ, आज अहिंसा की सरगम पर, विश्व शांति का राग सुनाओÓ। उन्होंने कहा कि आज के इस दौर में अहिंसा ही एक मात्र ऐसा रास्ता है तो मानव जाति का उत्थान कर सकता है। अगर हम अपने मन, विचार और कर्म से अहिंसक हैं तभी एक सच्चे मानव है। साध्वी श्री शुभप्रभा ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने अंदर अहिंसा को ढालने की आवश्यकता है। साध्वी श्री मलययशा ने कहा कि समय समय पर छोटी छोटी बात पर हिंसक प्रवृतियों उग्र रूप धारण कर लेती है, इसलिए इन्हें अपने मन व विचारों में आने ही न दें। साध्वी श्री आस्था प्रभा ने भी अपने संबोधन में अहिंसा अपनाने पर जोर दिया। हिंसा के निवारण पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अपने अंदर काबू रखें और संयम बनाए रखें। मन के अंदर लगाम लगाएं, फिर देखें अपना जीवन स्वत: अहिंसा के रास्ते पर चलने लगेगा। प्रोफेसर देवेंद्र कुमार जैन ने भी महात्मा गांधी जी के अंहिसात्मक रास्ते पर चलने का आह्वान किया। समिति अध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल ने पिछले एक सप्ताह से जारी अणुव्रत सप्ताह के सफल समापन पर सभी प्रतिभागी स्कूलों व गणमान्य व्यक्तियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी जी ने हमेशा से ही हिंसा की आलोचना की थी। अणुव्रत समिति भी उनकी इन बातों का समर्थन करती रही है। हमेें देश विदेश में अहिंसा के बल पर ही शांति की स्थापना कर सकते  हैं। इस मौके पर कुंदनलाल गोयल, सुरेश जैन, निर्मल जैन, रविंद्र गर्ग, जगदीश गर्ग, जगमिंद्र सिंह जैन, श्रीपाल, बजरंग सोनी, फूलचंद सोनी, विजय गोयल, सीमा और मैना देवी सहित अन्य गणमान्य मौजूद थे।

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