मोबाइल आईएमईआई नंबर से छेड़छाड़ पर हो सकती है 3 साल की जेल और जुर्माना

जालोर, राजस्थान/महबूब आलमः सरकार फर्जी सिम नंबरों का प्रयोग बंद करने एवं मोबाइल की चोरी के मामलों में कमी लाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। सबसे पहले, इसने आधार के साथ सिम को लिंक करना अनिवार्य कर दिया एवं अब एक और कड़ा नियम लेकर आ गयी है। सरकार ने मोबाइल की चोरी रोकने के एक प्रयास के तौर पर आईएमइआई नंबर – मोबाइल का 15 अंकों का अनूठा सीरियल नंबर – के साथ छेड़छाड़ को एक दंडनीय अपराध घोषित कर दिया है जिसके लिए आपको अधिकतम 3 साला की सज़ा हो सकती है। इस कदम से फर्जी आईएमइआई नंबर जारी होने के मामलों एवं खोये मोबाइल फ़ोन्स का पता लगाने में काफी मदद मिलेगी। आईएमइआई मोबाइल हैंडसेट की एक अनूठी आईडी होती है। जब भी कोई उपभोक्ता कॉल करता है, तो कॉल रिकॉर्ड कॉलर का फ़ोन नंबर एवं वह आईएमइआई नंबर दर्शाता है जहां से कॉल की गयी है। एक हैंडसेट का मोबाइल नंबर सिम बदलकर बदला जा सकता है, परन्तु आईएमइआई नंबर केवल एक तकनीकी ज्ञान रखने वाले व्यक्ति द्वारा ही बदला जा सकता है। मोबाइल उपकरणों के अनूठे नंबर ग्लोबल उद्योग की संस्था जीएसएमए एवं इसके द्वारा अधिकृत अन्य संस्थाओं द्वारा प्रदान किये जाते हैं। जब कोई मोबाइल फ़ोन खो जाता है, तो उसे ट्रैक करने के लिए उस मोबाइल का आईएमइआई नंबर बताना अनिवार्य है। इसलिए, पुलिस एवं सुरक्षा एजेंसियों द्वारा मोबाइल ट्रैक करना काफी मुश्किल हो जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए, टेलिकॉम विभाग ने आईएमइआई नंबर की छेड़छाड़ को दंडनीय अपराध बनाने का क़ानून पारित किया है। यह एक ऐसी प्रणाली पर भी काम कर रहा है जो किसी भी नेटवर्क पर चोरी किये गए या खोये मोबाइल फ़ोन पर सारी सेवाएं बंद कर देगा, भले ही उस फ़ोन से सिम कार्ड निकाल ली गयी हो या हैंडसेट का आईएमइआई नंबर बदल दिया गया हो।

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