एक माह में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार न होने पर कठोर कार्यवाही की चेतावनी

गोंड़ा, उत्तर प्रदेश/श्याम बाबूः जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम व सीडीओ ने सीएमओ को कड़ी फटकार लगाई और एक माह के भीतर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार न होने पर शासन स्तर से उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही किए जाने हेतु संस्तुति कर देने की चेतावनी दी है। इसके अलावा प्रभारी चिकित्साधिकारियों को बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत निर्देश के बावजूद वाहन उपलब्ध न कराने पर सीएमओ से स्पष्टीकरण तलब कर तीन दिवस के भीतर जवाब मांगा है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित डीएचएस की बैठक में सीएमओ को फोन पर बात करना महंगा पड़ गया। डीएम ने बैठक में ही सीएमओ डांट लगाई और भविष्य में बैठक में फोन पर बात न करने की चेतावनी दी। स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान ज्ञात हुआ कि गोण्डा जनपद की रैंकिंग पूरे देवीपाटन मण्डल में सबसे खराब है। सीडीओ नेे सीएमओ को एक माह की मोहलत देते हुए चेतावनी दी है कि यदि सुधार न हुआ तो उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही हेतु शासन को संदर्भित कर दिया जाएगा। वहीं निर्देश के बावजूद प्रभारी चिकित्साधिकारियों को बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत वाहन न उपलब्ध कराने पर तथा जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थियों का लाभ न दिए जाने पर नाराज डीएम ने सीएमओ से स्पष्टीकरण तलब कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा में आशाओं की विजिट््स की समीक्षा में इटियाथोक, बेलसर, हलधरमऊ व मनकापुर, न्यू बार्न बेबी विजिट में कटराबाजार, बभनजोत, मसकनवां तथा परसपुर एवं  ब्लाक स्वास्थ्य शिक्षा सूचना अधिकारियों द्वारा बिजिट करने में मसकनवा, बभनजोत, परसपुर फिसड्डी पाए गए। डीएम व सीडीओ ने बैठक में प्रभारी चिकित्साधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और निलम्बन की चेतावनी दी है। भौतिक एवं वित्तीय प्रगति में कर्नलगंज की स्थिति सबसे खराब पाई गई। डीएम ने सीएमओ को डेली मानीटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। इसी प्रकार ओपीडी में नवाबगंज और मसकनवा, आईपीडी में नवाबगंज, इटियाथोक व मसकनवां, गर्भवती महिलाओं की अपडेशन में परसपुर, मनकापुर, अरबन एरिया, बभनजोत, हलधरमऊ तथा पण्डरीकृपाल, बच्चों के टीकाकरण में पण्डरीकृपाल, संस्थागत प्रसव में इटियाथोक, हलधरमऊ तथा मसकनवां की स्थिति सबसे खराब पाई गई। मातृत्व पंजीकरण की समीक्षा के दौरान ज्ञात हुआ कि निर्धारित लक्ष्य 115897 के सापेक्ष मात्र 25959 पंजीकरण कराए गए। जननी सुरक्षा योजना के तहत पिछले वर्ष की 7164 लाभार्थियों तथा वर्तमान वर्ष में 7194 लाभार्थियों सहित कुल 14358 लाभार्थियों का भुगतान नहीं किया गया है। डीएम ने जननी सुरक्षा योजना की स्वयं और डेली मानीटरिंग के निर्देश दिए हैं। डीएम ने सीएमओ को निर्देश दिए है कि अब डीएचएस की होने वाली बैठकों में खण्ड शिक्षाधिकारी, सीडीपीओ व सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को अनिवार्य रूप से बुलाया जाय। इसके अलावा धन होने के बावजूद निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर डीएम ने दो दिन के भीतर कार्यदायी संस्थावार भौतिक व वित्तीय रिपोर्ट मांगी है। बैठक में सीडीओ दिव्या मित्तल, सीएमओ डा0 संतोष श्रीवास्तव, सीएमएस महिला अस्पताल, डीपीओ सुश्री विजय श्री, जिला समाज कल्याण अधिकारी अंजनी वर्मा, एसीएमओ डा0 राकेश अग्रवाल, एसीएमओ डा0 गयासुल हसन, युनीसेफ के अधिकारी साकेत शुक्लाश् ज्ञानचन्द शर्मा सहित प्रभारी चिकित्साधिकारीगण उपस्थित रहे।

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