मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा के साथ रविवार चौथे दिन में मां कुष्मांडा की विशेष पुजा अर्चना की गयी

कृष्णा, आंध्र प्रदेश/जितेंद्र सिंह चौहानः  जालोर जिले के बागरा के निकट डुडसी में नवरात्रि के अवसर पर मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा के साथ रविवार चौथे दिन में मां कुष्मांडा की विशेष पुजा अर्चना की गयी। सभी बाहर से आते हुए भक्तगण ने यज्ञ में आहुतियां दी गई। अवसर पर दुधेश्वरनाथ मन्दिर के मठाधीश एव अन्तर्राष्ट्रीय मंत्री श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के श्रीमहंत नारायण गिरिजी महाराज के सानिध्य में नवरात्रि के अवसर आज चौथे दिन मां कूष्मांडा का पुजन किया एवं आचार्य तोयराज उपाध्याय ने विद्वान पंडितों के साथ मन्त्रोउच्चारण कर शत् चण्डी पाठ एवं मां कूष्मांडा कि पूजा कि गई। इस मौके पर श्रीमहंत नारायण गिरिजी महाराज ने बताया कि शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन माँ कूष्माण्डा की भक्ति से होती है आयु, यश, बल की वृद्धि :- माँ कूष्माण्डा की उपासना से भक्तों के समस्त रोग-शोक मिट जाते हैं। इनकी भक्ति से आयु, यश, बल की वृद्धि होती है। माँ कूष्माण्डा अल्प सेवा और भक्ति से प्रसन्न होने वाली हैं। यदि मनुष्य सच्चे हृदय से इनका शरणागत बन जाए तो फिर उसे अत्यन्त सुगमता से परम पद की प्राप्ति हो सकती है। इस दिन मां का नाम लेकर ध्यान करना चाहिए। मां के इस रूप को पूजने वाले व्यक्ति के पौरूष में कभी कमी नहीं होती है, वो दिन-दूनी रात चैगुनी तरक्की करता है। वो जब तक धरती पर रहेगें, तब तक उसका कुल आबाद आज जिसमे राजस्थान सरकार के राज्यमंत्री भुपेंद्र देवासी , नाथूसिंह अध्यक्ष जरगाजी मेवाड़, शैतान सिंह पु्र्व सरंपच डूडसी, उम्मेदसिंह सिंधल,उगमसिंह केशवना, अभय सिंह आदि अनेक लोगों ने महाराज श्री ने सभी भक्तों को रूद्राक्ष की माला एवं पटका पहनाकर आशीर्वाद दिया मीडिया प्रभारी आज जालोर जिले के बागरा के निकट डुडसी में नवरात्रि के अवसर आज मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा के साथ रविवार चौथे दिन में मां कुष्मांडा की विशेष पुजा अर्चना किया गया एवं सभी बाहर से आते हुए भक्तगण ने यज्ञ में आहुतियां दी गई अवसर पर दुधेश्वरनाथ मन्दिर के मठाधीश एव अन्तर्राष्ट्रीय मंत्री श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के श्रीमहंत नारायण गिरिजी महाराज के सानिध्य में नवरात्रि के अवसर आज चौथे दिन मां कूष्मांडा का पुजन किया एवं आचार्य तोयराज उपाध्याय ने विद्वान पंडितों के साथ मन्त्रोउच्चारण कर शत् चण्डी पाठ एवं मां कूष्मांडा कि पूजा कि गई। इस मौके पर श्रीमहंत नारायण गिरिजी महाराज ने बताया कि   शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन माँ कूष्माण्डा की भक्ति से होती है आयु, यश, बल की वृद्धि :- माँ कूष्माण्डा की उपासना से भक्तों के समस्त रोग-शोक मिट जाते हैं। इनकी भक्ति से आयु, यश, बल की वृद्धि होती है। माँ कूष्माण्डा अल्प सेवा और भक्ति से प्रसन्न होने वाली हैं। यदि मनुष्य सच्चे हृदय से इनका शरणागत बन जाए तो फिर उसे अत्यन्त सुगमता से परम पद की प्राप्ति हो सकती है। इस दिन मां का नाम लेकर ध्यान करना चाहिए। मां के इस रूप को पूजने वाले व्यक्ति के पौरूष में कभी कमी नहीं होती है, वो दिन-दूनी रात चैगुनी तरक्की करता है। वो जब तक धरती पर रहेगें, तब तक उसका कुल आबाद  आज जिसमे राजस्थान सरकार के राज्यमंत्री भुपेंद्र देवासी , नाथूसिंह अध्यक्ष जरगाजी मेवाड़, शैतान सिंह पु्र्व सरंपच डूडसी, उम्मेदसिंह सिंधल,उगमसिंह केशवना, अभय सिंह आदि अनेक लोगों ने महाराज श्री ने सभी भक्तों को रूद्राक्ष की माला एवं पटका पहनाकर आशीर्वाद दिया।

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