डीएम ने नवजात बच्चों को पोलियो ड्राप पिलाकर पल्स पोलियो अभियान का किया शुभारम्भ

डीएम ने नवजात बच्चों को पोलियो ड्राप पिलाकर पल्स पोलियो अभियान का किया शुभारम्भ

गोंड़ा, उत्तर प्रदेश/श्याम बाबूः एक सप्ताह तक चलने वाले पल्स पोलियो अभियान का शुभारम्भ जिला महिला अस्पताल में डीएम जेबी सिंह ने नवजात बच्चों को पोलिया ड्राॅप पिलाकर किया। डीएम ने जनसामान्य से अपील किया कि वे सब अपने सभी 1 से 5 वर्ष के बच्चों को पोलियो ड्राप पिलाएं। इस अवसर पर डीएम श्री सिंह ने कहा कि पोलियो मुख्य रुप से छोटे बच्चोँ को जिनकी उम्र 1 से 5 वर्ष तक की होती है, उन्ही को अधिक प्रभावित करता है। यह रोग मुख्य रूप से एक प्रकार के वायरस के कारण होता है जो कि नवजात शिशुओं या 5 वर्ष तक के बच्चों के शरीर में प्रवेश कर जाता है और उनके पैरों को कार्य करने योग्य नहीं छोड़ता। लेकिन यह शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकता है। यह वायरस, बच्चों में विकलांगता पैदा कर देता है। इस रोग से ग्रस्त बच्चे खड़े होकर नहीं चल पाते, और वे अपने हाथ से भी कार्य करने में भी असमर्थ हो जाते हैं। यह मुख्य रूप से बच्चों को ही अपना शिकार बनाता है, और इसलिए इसे शिशुओं का लकवा या बाल पक्षाघात भी कहा जाता है। पोलियो एक ऐसा रोग है, जो मुख्य रूप से वायरस के कारण फैलता है। इस वायरस को विज्ञान की भाषा में पाँलीवाइरस के नाम से जाना जाता है। ज्यादातर वायरस युक्त भोजन के सेवन से यह रोग होता है। दूषित भोजन खाने से यह वायरस शरीर में सिर तक पहुंच जाता है, जिसके कारण सिर की कोशिकायें नष्ट होने लगती हैं। यह वायरस श्वास तंत्र से भी शरीर में प्रवेश कर सकता है। यह वायरस स्पाइनल कॉर्ड पर संक्रमण करके वहां पर सूजन पैदा कर देता है। इस सूजन के कारण बच्चे के हाथ और पैर कार्य करना बंद कर देते हैं। इसके अलावा गर्भवती महिला को यदि उचित प्रोटीन युक्त भोजन नहीं मिलता, तो उसके बच्चे को भी पोलियो हो सकता है। इस रोग से पीड़ित बच्चों के सिर में दर्द, सिर में चुभन रहती है,  और बच्चा बैचेन रहता है। रोगी बच्चे की रीढ़ की हड्डी में जकड़न महसूस होती है। 2 या 3 दिनों में ये सभी लक्षण खत्म हो जाते हैं और इसके बाद , बच्चे के हाथ और पैर कार्य करना बंद कर देते है। इस तरह से बच्चा विकलांग बनकर रह जाता है। इस रोग से प्रभावित बच्चा चलने-फिरने और कोई अन्य कार्य करने में भी असमर्थ हो जाता है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि यह अभियान प्रथम दिन महिला व जिला अस्पातल में चलाया जाएगा तथा 18 सितम्बर से 25 सितम्बर तक चलेगा डोर टू डोर अभियान चलेगा जिसमें स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर पोलियो ड्राप पिलाएंगें। उन्होने बताया कि कि पल्स पोलियों अभियान 1160 बूथ बनाए गए हैं।  पल्स पोलियो अभियान के शुभारम्भ के अवसर पर सीएमओ डा0 संतोष श्रीवास्तव, सीएमएस महिला अस्पताल डा0 अरूण लाल, एसीएमओ डा0 राकेश अग्रवाल, डा0 राम लखन सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।

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