यूपी में कर्जमाफी के नाम पर किसानों से मजाक, माफ किए गए 10-20 रुपये के कर्ज

मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश/महबूब आलमः एक तरफ तो योगी सरकार कर्ज माफी के ऐलान के बाद खुद अपनी पीठ ठोंक रही है। लेकिन दूसरी तरफ कई किसानों को कर्ज माफी के जो प्रमाण पत्र बांटे जा रहे हैं, वो किसी मजाक से कम नहीं है। कई किसानों को 10, 20, 50 या 100-200 रुपए की कर्जमाफी के सर्टिफिकेट दिए गए हैं। किसान राम सेवक जिस पर एक लाख रुपये का कर्ज था, उन्हें सिर्फ 10 रुपये 37 पैसे के कर्जमाफी का प्रमाणपत्र मिला है। इटावा जिले के भर्थना तहसील के नगला भोली गांव के गरीब किसान जिलेदार सिंह ने बैंक से एक लाख रुपए कर्ज लिया था। गांव के लेखपाल ने कर्ज माफी का इन्हें सर्टिफिकेट तो दिया, लेकिन सिर्फ तीन रुपए का। ऐसे किसानों की लंबी फेहरिस्त है, जिन्हें 10, 20, 50 या 100-200 रुपए की कर्जमाफी के सर्टिफिकेट मिले हैं। किसानों को समझ नहीं आ रहा कि वो करें तो क्या करें और जाएं तो जाएं कहां। दरअसल, पूरे सूबे से ऐसे मामले आ रहे हैं, जिसमें कर्जमाफी के सर्टिफिकेट को देखकर किसानों के होश उड़े हुए हैं। दिक्कत ये कि सरकार का एक मंत्री कह रहा है कि तकनीकी चूक है, तो दूसरा मंत्री कह रहा है कि सब ठीक है और जितने का सर्टिफिकेट मिला है, वो दरअसल वह रकम है, जो किसानों के कर्ज चुकाने के दौरान बाकी रह गई. इतना ही नहीं, जिलाधिकारी जांच की बात कह रहे हैं। ऐसे में सवाल यही है कि सही कौन बोल रहा है और सच क्या है क्योंकि किसानों ने कर्जमाफी को लेकर किसी और पर नहीं प्रधानमंत्री पर भरोसा किया था. कर्जमाफी हो गई, तो किसानों को उम्मीद थी कि अब राहत पहुंचने वाली है। लेकिन कई किसान अब ठगा महसूस कर रहे हैं। अलबत्ता सरकार खुश है कि उसने अपना वादा निभा दिया और खुशी का आलम ये कि कर्जमाफी के सर्टिफिकेट बांटने के कार्यक्रमों का जश्न मनाया जा रहा है।

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