मण्डलायुक्त ने विकास तथा कानून व्यवस्था की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

गोंड़ा, उत्तर प्रदेश/श्याम बाबूः बुधवार को विकास कार्यक्रमों की मण्डलीय समीक्षा बैठक मण्डलीय स्वच्छता शपथ समारोह के साथ शुरू हुई। आयुक्त देवीपाटन मण्डल एसवीएस रंगाराव ने जिलाधिकारियों सहित सभी अधिकारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। विकास कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक में आयुक्त ने प्रधानमंत्री आवास में आ रही भ्रष्टाचार की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अब तक दोषी पाए गए अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही हेतु तत्काल शासन को चार्जशीट के साथ फाइल भेज दें तथा आने वाली शिकायतों की विधिवत जांच कराएं जिससे पात्रों को ही सरकार की मंशानुसार लाभान्वित किया जा सके। इसके अलावा गोण्डा के विकासखण्ड परसपुर बेलईनाला पुल की मरम्मत का कार्य जल्द से जल्द से शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। बैठक में आयुक्त ने भूमाफियाओं के खिलाफ अब तक की गई कार्यवाही तथा आईजीआरएस पोर्टल पर लम्बित शिकायतों की समीक्षा की जिसमें मण्डल की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे रोजाना सांय आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा एनआईसी व ईडिस्ट्रिक्ट सेल के माध्यम से करें। इसके अलावा आय, जाति तथा निवास हेतु आने वाले आवेदनों को समय सीमा के भीतर निस्तारित कराएं क्योकि आय जाति निवास जैसे प्रमाणपत्र जनता से सीधे जुड़े और तत्काल आवश्यकता की चीजें हैं जिनमें लापरवाही कतई नहीं होनी चाहिए। दैवीय आपदा के मामले 48 घन्टे के भीतर निपटाने एवं पीड़ित को लाभ दिलाने के निर्देश आयुक्त द्वारा दिए गए हैं। तहसील दिवस व समाधान दिवस मंे प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में गोण्डा व जनपद श्रावस्ती की रैंकिंग खराब पाई गई। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मण्डलायुक्त ने एडी हेल्थ को निर्देश दिए कि अस्पतालों में डाक्टरों द्वारा छोटी-छोटी पर्ची पर बाहर से दवाएं लिखी जा रहीं हैं। आयुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए है कि वे यह सुनिश्चित कराएं कि कोई मेडिकल स्टोर वाला बिना समुचित पैड पर लिखी दवाइयां न दें और ऐसे डाक्टरों को चिन्हित कर कठोर कार्यवाही की जाय। बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में जनपद बहराइच की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। बाढ़ की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने मण्डल में बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई सरकारी सम्पत्तियों का ब्योरा एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश सभी डीएम को दिए हैं। लाभार्थीपरक योजनाओं की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने समाज कल्याण विभाग में मृतकों को पेंशन दिए जाने की शिकायतों पर उपनिदेशक समाज कल्याण से जवाब तलब करते हुए पारदर्शिता बरतने की हिदायत दी है। मनरेगा की समीक्षा के दौरान भुगतान में जनपद गोण्डा, मानव दिवस सृजन में बलरामपुर तथा महिलाओं को रोजगार देने में बहराइच व गोण्डा पीछे रहे। पेयजल योजनाओं की समीक्षा के दौरान अधीक्षण अभियन्ता को योजनाओं के निर्माण की धीमी प्रगति तथा पाइप्ड पेयजल योजनाओं क निर्माण के दौरान सड़क खोदकर छोड़ देने की शिकायत पर आयुक्त ने कड़ी फटकार लगाई। इसके अलावा पूरे मण्डल में मरम्मत व रिबोर कराए जाने योग्य हैण्डपम्पों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अपशिष्ट प्रबन्धन हेतु उन्होंने निर्देश दिए कि जनपद के मण्डलों की नगरपालिकाओं में दो-दो वाार्डों को प्रथम चरण में लेकर अपशिष्ट प्रबन्धन अभियान चलाया जाय जिससे अपशिष्टों का सही निस्तारण हो सकें। बेसिक शिक्षा की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने एडी बेसिक को निर्देश दिए कि मण्डल के प्राइमरी स्कूलों में इस वर्ष पंजीकृत कराए बच्चों की संख्या  की रिपोर्ट मांगते हुए कहा है कि ऐसे प्राथमिक विद्यालय जहां पर सबसे ज्यादा पंजीकरण हुए हैं वहां के अध्यापक को सम्मानित किया जाय। गन्ना भुगतान की समीक्षा के दौरान सबसे ज्यादा भुगतान बजाज चीनी मिल कुन्दुरखी का बकाया पाया गया।  आयुक्त आवश्यक कार्यवाही हेतु उपायुक्त गन्ना को निर्देश दिए हैं। विद्युत आपूर्ति की समीक्षा के दौरान डीएम श्रावस्ती ने आयुक्त को अवगत कराया कि श्रावस्ती में विद्युत आपूर्ति तथा ट्रान्सफार्मर रिप्लेसमेन्ट की स्थिति सबसे खराब पाई गई। आयुक्त ने अधीक्षण अभियन्ता विद्युत से जवाब तलब करते हुए सुधार न होने पर कार्यवाही हेतु शासन को पत्र लिखने की चेतावनी दी है। प्रभारी डीएम गोण्डा दिव्या मित्तल ने बताया कि जनपद गोण्डा में विद्युतीकरण कार्य बेहद धीमा कराया जा रहा है। इस पर आयुक्त ने अधीक्षण अभियन्ता को स्वयं मानीटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में ही लखनऊ से आईटी एक्सपर्ट द्वारा अधिकारियों को ईटेन्डरिंग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विकास कार्यों की समीक्षा के उपरान्त आयुक्त मण्डल की कानून व्यवस्था की जनपदवार समीक्षा की। उन्होने सभी जनपदों के डीएम व पुलिस अधीक्षकों को कड़े निर्देश दिए कि वे आने वाले दुर्गापूजा, दशहरा व मुर्हरम त्योहारों को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए अभी से सभी तैयारियां शुरू कर कर दें। उन्होने कहा कि त्योहारों के दौरान पूर्व घटित हुई घटनाओं की समीक्षा कर संवेदनशीलता को देखते हुए उपद्रवियों को चिन्हांकित कर पाबन्दी की कार्यवाही शुरू कर दें तथा मण्डल के सभी थानों में शांति कमेटी की बैठकें भी आयोजित करा लें। उन्होने सभी जिलाधिकारियों व पुलिस अधीक्षकों से आपत्ति जाहिर करते हुए कहा कि मण्डल के सभी जनपदों में भूमाफियाओं के खिलाफ अब तक की गई कार्यवाही संतोषजनक नहीं है। इसके अलावा त्योहारों के दौरान इण्डो-नेपाल सीमा पर विशेष चाौकसी बरतने तथा भारत-नेपाल विदेश स्तर की मीटिंग कराने के निर्देश दिए हैं। बैठक के दौरान डीआईजी अनिल कुमार राय, डीएम बहराइच अजयदीप सिंह, डीएम श्रावस्ती दीपक मीणा, डीएम बलरामपुर राकेश मिश्र, प्रभारी डीएम गोण्डा दिव्या मित्तल, संयुक्त विकास आयुक्त हीरालाल, एसपी गोण्डा उमेश कुमार सिंह सहित बहराइच, बलरामपुर व श्रावस्ती के एसपी तथा अन्य मण्डलीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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