वरिष्ठ पत्रकार और जेयुएम की सक्रिय सदस्य लक्ष्मी पटेल को जान से मारने की धमकी

मुंबई, महाराष्ट्र/नजीर मुलाणीः वसई विरार मे पिछले कुछ दिनों से क्राइम का ग्राफ इतने तेजी से बढ़ा है कि यहां पर आए दिन चोरी डकैती छीना छपटी और मर्डर आम बात हो गयी है। जिसे काबू करने मे वसई विरार पुलिस नाकाम साबित हो रही है। ऐसे ही गत रविवार शाम को जेयुएम की सक्रिय सदस्या व देविपुजक समाचार पत्र की संपादिका और वरिष्ठ पत्रकार लक्ष्मी पटेल को वसई की प्रभाग क्र.43 की नगरसेविका अंजली पाटील के कार्यालय मे अंजली पाटील के गुंडों ने गला काटकर जान से मारने की धमकी दी है। तथा यह कहा की तुम्हारे लाश को ऐसी जगह ठिकाने लगाएंगे की किसी को पता भी नही चलेगा। जिससे लक्ष्मी पटेल काफी सदमे मे है। रविवार की शाम लक्ष्मी पटेल सोपारा पुलिस स्टेशन के पास थी, तब उस समय उन्हें अंजलि पाटील के कार्यालय से फोन आया और उन्हें कार्यालय मे बुलाया गया, कार्यालय मे जब लक्ष्मी पटेल अपने साथी के साथ वहां पहुँची तो अंजलि पाटील वहां मौजूद नही थी। बल्कि उसके पाले हुए खतरनाक गुंडे मौजूद थे। जिन्होंने पटेल को देखते ही गाली गलौज और धमकी देना शुरू कर दिया तो पटेल उन गुंडों से डरकर वापस पुलिस स्टेशन आ गई और उन लोगो के खिलाफ मामला दर्ज कराया। मामला दर्ज होने के तुरंत बाद ही वे गुंडे वहां से फरार हो गए। अब यह संदेहास्पद है की इस धमकी के पीछे किसका हाथ है? अगर अंजलि पाटील का हाथ है तो अंजलि पाटील नगरसेविका होने के साथ साथ वकालत भी करती है और वसई विरार मे काफी नाम भी है तो क्या इस प्रकार के गुंडों को पालना और उन्हें संरक्षण देना उचित है? जब कानून के रखवाले ही इस प्रकार से काम करना शुरु कर देंगे तो असामाजिक तत्वों का मनोबल और बढ़ेगा। और इस प्रकार से चौथे स्तंभ को खुले आम धमकी दे कर उन्हें दबाना कहाँ तक उचित है? इसलिए ऐसे लोगो पर जल्द से जल्द कार्यवाई कर आरोपियों को सलाखों के पीछे डालना चाहिए जिससे भविष्य मे फिर किसी पत्रकार की आवाज को ऐसे न दबाया जा सके।

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