कैबिनेट फेरबदल होते ही बढ़ीं बीजेपी की मुश्किलें

मुंबई, महाराष्ट्र/राजू सोनीः मोदी कैबिनेट का विस्तार हुआ। कई नए मंत्रि‍यों को नई जिम्मेदारी दी गई। वहीं, बदलाव के बाद मोदी सरकार की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। मोदी ने अपनी सहयोगी पार्टी शिवसेना और जदयू को इस फेरबदल में शामिल नहीं किया। खबरों की मानें तो ये दोनों पार्टियां इससे नाराज मानी जा रही हैं। वहीं, इस मामले में बीजेपी की महाराष्ट्र में सहयोगी पार्टी शिवसेना ने बड़ा बयान दिया है। शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कहा कि राजग ‘मृतप्राय’ है और भाजपा को इसकी केवल तब याद आती है जब उसे समर्थन की जरूरत पड़ती है। राउत ने कहा कि यह एनडीए का नहीं केवल भाजपा कैबिनेट का फेरबदल हुआ है। इससे पहले भी मोदी कैबिनेट का जो दूसरा फेरबदल हुआ था वो भी केवल भाजपा का ही था। शिवसेना सांसद ने कहा कि भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का अस्तित्व केवल कागजों पर है। यह केवल गठबंधन के सहयोगी दलों की बैठक तक सीमित है। राउत ने कहा कि हो सकता है कि भाजपा को बहुमत का घमंड हो, लेकिन हम इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, हम मंत्री पद या सत्ता के भूखे नहीं हैं। फेरबदल राजनीतिक कारणों से आंकड़ों का खेल होता है और हम सही समय पर उचित रुख अपनाएंगे। भाजपा की लंबे वक्त से सहयोगी होने के बावजूद शिवसेना कई मुद्दों पर भाजपा के साथ टकराव की स्थिति में रहती है। केन्द्रीय मंत्रिपरिषद में शिवसेना के एकमात्र सदस्य के रूप में भारी उद्योग मंत्री अनंत गीते हैं। अब महाराष्ट्र चुनाव में ये खीचतान देखने को जरूर मिलेगी। वहीं, जदयू को भी मंत्रीमंडल फेरबदल में शामिल नहीं किया गया। बता दें शिवसेना कई बार बीजेपी पर हमला कर चुकी है। इतना ही नहीं पीएम मोदी पर भी आए दिन शिवसेना हमले करता है। अब ये तो समय ही बताएगा कि महाराष्ट्र चुनाव में बीजेपी के साथ शिवसेना गठबंधन करती है या नहीं।

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