नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित कैबिनेट विस्तार में उत्तर प्रदेश से बदलेंगे चेहरे

लखनऊ, उत्तर प्रदेश/नगर संवाददाताः नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल के प्रस्तावित विस्तार में सबसे अधिक झटका उत्तर प्रदेश को लगने वाला है। उत्तर प्रदेश से ही पार्टी को सर्वाधिक सांसद मिले हैं। मोदी मंत्रिमंडल से उत्तर प्रदेश के चार मंत्रियों की विदाई तय मानी जा रही है। नरेंद्र मोदी कैबिनेट विस्तार में सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश के मंत्रियों की विदाई तय मानी जा रही है। इनमें से एक महेंद्र नाथ पाण्डेय को भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष बनाया गया है। इनके साथ ही कलराज मिश्र, उमा भारती व डॉ. संजीव कुमार बालियान का मंत्रिमंडल से बाहर होना तय माना जा रहा है। नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल से कुछ उन मंत्रियों ने इस्तीफा दिया है, जहां के विधानसभा चुनाव निपट चुके हैं। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में है। लिहाजा कहा जा रहा है कि अब 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए यहां के कुछ मंत्रियों को संगठन की जिम्मेदारी दी जाएगी। मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय को यूपी बीजेपी की कमान दे दी गई है। माना जा रहा है कि मेनका गांधी को भी महिला कल्याण मंत्रालय से हटाकर किसी अन्य विभाग में भेजा जा सकता है। उत्तर प्रदेश के विधानसभा के चुनाव तक 75 पार के कलराज मिश्र को मोदी कैबिनेट रखा गया था। अब उन्हें बिहार के राज्यपाल बनाने की तैयरी है। जल संसाधन व गंगा सफाई मंत्री उमा भारती ने स्वस्थ्य कारणों से इस्तीफे की पेशकश की है। कृषि राज्य मंत्री संजीव बालियान को संगठन की जिम्मेदारी दी जा सकती है। केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद सबसे ज्यादा मंत्री उत्तर प्रदेश से ही बने थे। इनमें राजनाथ सिंह, संजीव बालियान, मेनका गांधी, महेंद्र नाथ पांडेय, रामशंकर कटेरिया, मनोज सिन्हा, उमा भारती, जनरल वीके सिंह, अनुप्रिया पटेल व डॉ महेश शर्मा शामिल हैं। इसके बाद हुए फेरबदल में कटेरिया को हटा दिया गया था। चार मंत्रियों के इस्तीफा के बाद उत्तर प्रदेश के कुछ नए चेहरे नरेंद्र मोदी कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं। इनमें एक नाम बागपत के सांसद तथा मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर सतपाल सिंह का नाम शामिल है। सत्यपाल सिंह को बीजेपी राज्य में जाट नेता के तौर पर स्थापित करना चाहती है। इनके साथ ही बस्ती से सांसद तथा युवा नेता हरीश द्विवेदी को भी मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। भाजपा अब ब्राह्मण व ठाकुरों के बीच समीकरण बैठाने की कोशिश कर रही है। हरीश द्विवेदी मध्यमवर्गीय ब्राह्मण परिवार से आते हैं।

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