दुरंतो एक्‍सप्रेस का इंजन और 9 डिब्बे पटरी से उतरे

नागपुर, महाराष्ट्र/नगर संवाददाताः आसनगांव और टिटवाला के पास नागपुर-मुंबई दुरंतो एक्‍सप्रेस दुर्घटनाग्रस्‍त हो गई है। ट्रेन के 9 डिब्बे पटरी से उतरे गए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है। आसपास के लोग पहुंचकर प्रशासन की मदद कर रहे हैं। हादसे के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। हालांकि अभी तक इस रेल हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। दुरंतो एक्‍सप्रेस सुबह लगभग 6 बजकर 40 मिनट पर पटरी से उतरी। इस समय ज्‍यादातर लोग नींद में थे। हादसा आसनगांव और टिटवाल के बीच हुआ, जिसमें इंजन और पांच डिब्‍बे पटरी से उतर गए। हादसे की वजह से इस रूट की लगभग सभी ट्रेनें प्रभावित होंगी। लोकल ट्रेनों पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा। दुरंतो हादसा के बाद रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि कोई यात्री घायल नहीं हुआ है। यात्रियों को पहुंचाने के लिए बसों का इंतजाम किया गया है। रेलवे के मुताबिक शुरुआती जांच में पाया गया है कि लैंडस्लाइड की वजह से यह दुर्घटना हुई। इलाके में भारी बारिश के चलते ट्रैक के नीचे की मिट्टी बह गई। दूरंतो एक्सप्रेस के जो डिब्बे पटरी से उतरे हैं, उनमें A1, A2, A3 और अन्य कोच शामिल हैं। दुर्घटना के बाद कल्याण से मुंबई के बीच का रेल रूट तीन से चार घंटे तक बाधित हो गया। मध्‍य रेलवे ने बताया है कि हादसे का शिकार हुई नागपुर-मुंबई दुरंतो एक्‍सप्रेस के सभी यात्री सुरक्षित हैं। राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। रेलवे के वरिष्‍ठ अधिकारी घटना स्‍टल पर पहुंच गए हैं। दुर्घटना स्‍थल पर डॉक्‍टरों की टीम भी पहुंच गई है। लोगों को ट्रेन से निकालकर बसों में उनके गंतव्‍य स्‍थानों पर भेजने की व्‍यवस्‍था की जा रही है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु के लिए ये महीना काफी मुश्किलों भरा रहा है। इस महीने इससे पहले यूपी में दो ट्रेन हादसे हुए हैं। इन हादसों में 25 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। वहीं 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इसके चलते रेल मंत्री सुरेश प्रभु का इस्तीफा भी मांगा जा रहा है। सुरेश प्रभु ने घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की पेशकश भी की थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको कुछ वक्त रुक जाने के लिए कहा। साल 2017 में भारत में हुई बड़ी रेल दुर्घटना को मैप के माध्यम से बताया जा रहा है। मैप पर क्लिक कर जानिए कहां अौर कब हुई रेल दुर्घटना, कितने लोग मारे गए। वैसे 11 दिन के अंदर यह तीसरा रेल हादसा है। इससे पहले यूपी के मुजफ्फरनगर के खतौली में हरिद्वार से पुरी के बीच चलने वाली कलिंग उत्कल एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में 21 यात्रियों की मौत हो गई थी जबकि 97 यात्री घायल हुए थे। इसके अलावा औरैया जिले में कैफियत एक्सप्रेस के डीरेल होने से 74 लोग घायल हो गए थे।

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