मुंबई के बाद अब दिल्‍ली में भी जहरीली हवा साफ करने के लिए लगेंगे एयर प्‍यूरीफायर

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर से दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों को बचाने के लिए पर्यावरण मंत्रालय के साथ अब नीरी (राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग शोध संस्थान) भी आगे आया है। नीरी ने इसके लिए कई उपाय सुझाए है। इनमें सबसे अहम भारी भीड़-भाड़ वाले चौराहों पर एयर प्यूरीफायर यंत्र लगाने का है, जिसे नीरी ने वायु प्रदूषण के बढ़े स्तर को कम करने के लिए खुद ही डिजाइन किया है। इसे वायु (विंड आगुमेंटेशन एंड एयर प्यूरीफाईंग यूनिट) नाम दिया गया है। फिलहाल नीरी ने इसको लगाने के लिए पर्यावरण मंत्रालय से ऐसे पांच स्थानों को चिन्हित करने को कहा है, जहां मौजूदा समय में दिन भर भारी ट्रैफिक रहता है। मौजूदा समय नीरी अपने इस प्रोजेक्ट का मुंबई के चार स्थानों पर सफलतापूर्वक संचालित कर रहा है।नीरी के निदेशक डॉ राकेश कुमार के मुताबिक, इस वायु डिवाइस की मदद से प्रति घंटे हवा में घुली करीब 26 ग्राम ठोस खतरनाक अपशिष्ट को अवशोषित किया जाता है। वहीं इसकी मदद से शुद्ध की गई वायु को काफी ऊपर ले जाकर छोड़ा जाता है। उन्होंने बताया कि फिलहाल मुंबई में चार स्थानों पर इसे लगाया गया है, पर जल्द ही वहां इसे 25 और स्थानों पर लगाने जा रहे है। बारिश खत्म होने के बाद इन्हें लगा दिया जाएगा। इसका प्लान उन्होंने सरकार को दे दिया है। जैसे ही जगह का चयन के साथ मंजूरी मिल जाएगी, वह तुरंत ही इसको लगाने की प्रक्रिया शुरू कर देंगे। नीरी से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों को वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर से बचाने की यह पहल पर्यावरण मंत्रालय की दखल के बाद शुरू की गई है। नीरी के मुताबिक, आईआईटी दिल्ली को इस दौरान अध्ययन में पंजाब व हरियाणा में फसलों को जलाए जाने से पैदा होने वाली स्थिति को लेकर भी शामिल करने को कहा है। नीरी ने दिल्ली व आसपास के क्षेत्रों में मौजूद शवदाह स्थलों को भी ग्रीन शवदाह स्थलों में तब्दील करने का योजना और डिजाइन भी दी है। दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर यह हलचल उस समय शुरू हुई है, जब इसके स्तर में पिछले कुछ दिनों से अचानक वृद्धि देखी जा रही है। वैसे भी पिछले कुछ सालों में अक्टूबर में दिल्ली में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है, जिसे देखते हुए यह सतर्कता बरती जा रही है।

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