धर्म स्वतंत्र विधेयक के खिलाफ कांग्रेस :त्रिशानु राय

पश्चिम सिंघभूम, झारखंड/मनोज निषादः धर्म स्वतंत्र विधेयक 2017 के विरोध और केन्द्रीय मंत्री सुदर्शन भगत द्वारा ईसाई मिशनरियों के ऊपर अनर्गल बयानबाजी के खिलाफ शनिवार को कांग्रेस भवन, चाईबासा में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिला सचिव सह मीडिया प्रभारी त्रिशानु राय ने कहा कि धर्मातरण विधेयक व्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों का हनन करती है। 17 वर्षों में ईसाई मिशनरियों ने कितने लोगों का धर्म परिवर्तन कराया, सरकार को आंकड़ा बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज तक कभी यह नहीं सुना गया कि मिशनरी स्कूल में पढ़ने वाले किसी बच्चे का धर्म परिवर्तन कराया गया है। सरकार इसाई मिशनरियों को डराना चाहती है, भयभीत करना चाहती है। सच तो यह है कि सरकार इसाई मिशनरियों की सेवा भाव से डर गई है। उन्होंने कहा कि धर्म स्वतंत्र विधेयक किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जायेगा। सरकार विकास के मुद्दे पर अपनी विफलता छुपाने के लिए धर्मातरण कानून जैसे मुद्दो को सामने ला रही है। अभी सरकार के सिर्फ तीन वर्ष ही पूरे हुए हैं और सरकार चुनाव की तैयारी में लग गई है। इसाई मिशनरी अल्पसंख्यकों को डराने-धमकाने के किसी भी प्रयास का मुंह तोड़ जवाब दिया जायेगा। केन्द्रीय मंत्री सुदर्शन भगत आरएसएस के इसारे पर काम कर रहे हैं। मंत्री पद पर रहते हुए किसी समुदाय या धर्म के प्रति बयानबाजी ओछी राजनीति और संविधान मर्यादाओं के खिलाफ है। सरकार अल्पसंख्यकों को डराये नहीं, बल्कि सुरक्षा दे। संयुक्त राष्ट्र ने 18 दिसम्बर 1992 को सभी राष्ट्रों को संदेश दिया है कि अल्पसंख्यकों की धार्मिक भाषाई समाजिक उत्थान पर बल दें और ये सरकार ठीक इसके विपरीत कार्य कर देश को पूरी दुनिया में बदनाम कर रही है। प्रेस वार्ता में सेवादल मुख्य संगठक नीरज कुमार झा, युवा कांग्रेस विस अध्यक्ष अविनाश कोड़ा, जिला कार्यकारिणी सदस्य शंकर बिरुली, बीर सिंह दास, सिकुर सुम्बरुई, सुशील कुमार दास, रामहरि गोप शामिल थे ।

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